बुधवार की देर रात हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से जहां लोगांें को प्रचंड गर्मी से राहत मिली है वहीं किसान के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही है। जिन किसानों ने अपने गेहूं की फसल को काटकर और उसमें गेहूं निकालकर घर ले आए उनके लिए तो कोई खास बात नहीं मगर जिनकी फसल अभी खेतों मेंकटाई चल रही है और कटकर एकत्र कर लिया गया है। उनको भारी नुकसान हो सकता है।
बता दें कि कई दिन से प्रचंड गर्मी की मार झेल रहे मानव एवं पशुओं को जहां तेज बारिश ओर ओलावृष्टि से राहत मिली है वहीं विद्युत आपूर्ति भी ठप्प हो गई। ग्रामीण इलाकों में दोपहर बारह बजे बाद विद्युत आपूर्ति की गई। जब कि शहरों में दस बजे तक बिजली सप्लाई सुचारू कर दी गई। वहीं ओलावृष्टि और तेज बारिश ने किसानों को भारी नुकसान दिया है। यहां खेतों में रखी गेहूं की फसल जिन किसानों की नहीं निकली है वह किसान माथा पकडकर रो रहे हैं। क्यों कि बरसात के कारण कटकर ढेर लगाकर रखी फसल भीग जाने से गेहूं कम मात्रा में निकलेगा। और वहीं अभी जो फसलें खेतों में खडी है वह फसलें टूटकर गिर जाने से भरपूर मात्रा में गेहूं नहीं मिल पाएगा। किसानों ने तेज बारिश और ओलावष्टि के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से किसानों के हित में कार्र करने आस लगाई है।
तेज बारिश ओलावृष्टि से किसान हुआ परेशान
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