श्री नेमी गिरनार अहिंसा धर्म पद यात्रा का सासनी में किया भव्य स्वागत

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पंडित दौलतराम जी नगरी सासनी में श्री 1008 पदमप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर पर जैन समाज द्वारा श्री नेमी गिरनार अहिंसा धर्म पद यात्रा का प्रथम बार आगमन पर जोशीला स्वागत किया गया।
बुधवार को जैन समाज के महामंत्री अंजय जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्रा दिल्ली से चल कर जैन तीर्थ गिरनार जा रही है, इसके क्रम में आज अलीगढ़ की ओर से सासनी में यात्रा आयी, जैन समाज सासनी ने जैन पेट्रोल पंप से धर्म पद यात्रा की भव्य आगवानी की तत्पश्चात यह यात्रा 1008 फिट लंबे राष्ट्रीय ध्वज एवं 1008 फिट लंबे पचरंगा जैन ध्वज सहित पूरे गाजे बाजे के साथ महिला पुरुष बच्चे और जैन समाज के लोगों के साथ विभिन्न स्थानों पर होते हुए के एल जैन इंटर कॉलेज पहुंची। इस दौरान जगह जगह पर यात्रा का पुष्पवर्षा कर पदयात्रा का स्वागत किया गया। उन्हांेने बताया कि एक सौ एक दिवसीय एक हजार पांच सौ किमी. लंबी इस यात्रा का उद्देश्य जैन तीर्थों के संरक्षण के लिए जैन समाज को एकजुट कर जाकरुक करना है और इस यात्रा का समापन दो जुलाई को गुजरात राज्य के जूनागण जिले में स्थित जैन तीर्थ गिरनार पर्वत की पांचवीं टॉक पर जैन धर्म के बाइस वें तीर्थंकर श्री नेमीनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक दिवस पर होगा। इस मौके पर अंजय कुमार जैन, अतुल कुमार जैन, विपुल लुहाड़िया, राहुल जैन, अम्बुज जैन, यश लुहाड़िया, अक्षत जैन, संदीप जैन, विपिन जैन, शोभित जैन, मनोज जैन, अभिषेक जैन, विनय जैन, सर्वेश जैन, निर्भय जैन, अंकुर जैन, दीपक जैन, पंकज जैन, अरिहंत जैन, वैभव जैन, सुनीता जैन, तनु जैन, अंजू जैन, पुष्पा जैन, मधु जैन, संजू जैन, राजकुमारी जैन, बीनू जैन, नीलम जैन, प्रीति जैन, पूजा जैन, उषा जैन समेत भारी संख्या में जैन समाज के महिला पुरुष और बच्चे मौजूद रहे।

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Author: Sunil Kumar

SASNI, HATHRAS

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संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।