सात घंटे थाने में छाया अंधेरा: संविदा बिजली कर्मी का चालन वापस, पिसावा थाने की जोड़ी बिजली

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Electricity connection of Pisawa police station

बिजली संविदा कर्मी की पुलिस कर्मी ने चालान काट दिया था। लाइनमैन ने पिसावा थाने की ही बिजली काट दी। पिसावा थाना सात घंटे तक अंधेरे में रहा।

संविदा बिजली कर्मी की बाइक का चालान काटने के विरोध में 31 मार्च को काटी गई थाने की बिजली की लाइन सात घंटे बाद सीओ से वार्ता के बाद जोड़ दी गई। एसडीओ विद्युत ने बताया कि सीओ ने चालान वापस लिए जाने की बात कही है। लाइन काटे जाने से करीब सात घंटे तक थाने में अंधेरा छाया रहा।

विद्युत विभाग के संविदा कर्मी सुशील कुमार की बाइक का 31 मार्च की दोपहर पुलिस कर्मियों ने 500 रुपये का चालान काट दिया था। इससे गुस्साए संविदा कर्मी ने अपने साथियों की मदद से शाम करीब सवा चार बजे पिसावा थाने की बिजली की लाइन काट दी थी। जेई निहाल सिंह ने बताया था कि पिसावा थाने पर 3.62 लाख रुपये का बिजली का बिल बकाया है। बकाया जमा न करने पर लाइन काटी गई है।

रात में ही एसडीओ से सीओ खैर की वार्ता हुई। जेई ने बताया कि सीओ ने बिजली का बकाया जमा करने के लिए ग्रांट भेजने की जानकारी दी। कहा कि जल्द ही बिल जमा करा दिया जाएगा। साथ ही संविदा कर्मी सुशील कुमार की बाइक के काटे गये चालान को भी वापस लेने के लिए कहा। इसके बाद संविदा कर्मियों से वार्ता कर 31 मार्च की रात करीब 11 बजे थाने की लाइट जुड़वा दी गई। 

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।