एक माह रमजान को मुनाकिव करते हुए जहां जुमे को अल-विदा जुमा की नमाज अदा की गई, वहीं रविवार की रात को चांद का दीदार होने के बाद नमाजियों तथा रोजेदारों में खुशी का माहौल पैदा हो गया। ईद-उल-फितर मनाने के लिए सुबह से ही मुस्लिमों ने आगरा अलीगढ राजमार्ग स्थित दरगाह पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। ठीक साढ़े आठ बजे आगरा अलीगढ रोड स्थित ईदगाह में नमाज इमाम मुबारकअली ने अदा कराई।
सोमवार को मौलाना ने ईदगाह पर तकरीर करते हुए कहा कि अच्छा इंसान वह होता है जिसका रिश्ता अपने मालिक के साथ अच्छा हो और बड़ों की इज्जत और छोटों पर रहम करने वाला हो। सारे मुसलमानों को अच्छा इंसान बनकर जीना चाहिए क्योंकि सारे इंसान खाली बर्तन की तरह है, बर्तन की कीमत उसमें रखे सामान से लगाई जाती है। सामान कीमती रखा है, तो बर्तन की कीमत बढ़ जाती है। सामान गंदा है, तो उसको कोई छूना भी पसंद नहीं करता। नमाज के बाद इमाम साहब ने मुल्क और इंसानी कौम की तरक्की के लिए दुआ की। उन्होंने कहा कि अल्लाह का शुक्र है, कि ईद का त्यौहार समाज में एक दूसरे के साथ खुशियां बांटने के साथ एकता और अखंडता का पैगाम देता है। ईद की नमाज के लिए दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में मुस्लिम पहुंचे और नमाज अदाकर मुल्क और कौम की सलामती के लिए दुआ की। इस दौरान इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से एडीएम शिवचरन शर्मा, एसडीएम प्रज्ञा यादव, तहसीलदार अनिल कुमार, नायब तहसीलदार, कानूनगो नीरज शर्मा, लेखपाल विवेक वाष्र्णेय, प्रभारी निरीक्षक नरेश सिंह, कस्बा इंचार्ज यतेन्द्र सिंह, मयदलबल के मौजूद थे। वहीं ईद की नमाज और ईद की मुबारकबाद देने के लिए तमाम लोगों ने शिरकत की।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS