Muzaffarnagar: जानें कैसे हुई थी आसाराम बापू के रसोइये अखिल की हत्या, 10 साल बाद कैसे पकड़ा हत्यारोपी तामराज

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जानसठ रोड निवासी अखिल गुप्ता दूध व्यवसायी थे। 2015 में गंगा प्लाजा स्थित दुकान से स्कूटर पर सवार होकर घर लौट रहे थे। महालक्ष्मी एनक्लेव के पास हमलावरों ने गोली मारकर अखिल की हत्या कर दी थी।

Muzaffarnagar: Know how Asaram Bapu's cook Akhil Gupta was murdered, how the murderer was caught after 10 year

आसाराम बापू के रसोइया अखिल गुप्ता की हत्या की साजिश रचने का आरोपी तामराज उर्फ ताम्रध्वज उर्फ महावीर को गुजरात पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नाम बदलकर रह रहा था। पुलिस को पिछले 10 साल से उसकी तलाश थी। दस साल पहले अखिल गुप्ता की हत्या की साजिश तामराज ने रची थी।

शहर के जानसठ रोड के गीता एंक्लेव निवासी अखिल गुप्ता दूध का व्यवसाय करते थे। 11 जनवरी 2015 को गंगा प्लाजा स्थित दुकान से स्कूटर पर सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। महालक्ष्मी एनक्लेव के पास दो बाइक पर आए हमलावरों ने अखिल की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
गुजरात के कार्तिक हल्दर ने मीरापुर के गांव कासमपुर खोला निवासी नीरज, सीतापुर जिले के सिंघौली निवासी राहुल उर्फ अंकित उर्फ सूरज, तामराज, प्रवीण, वकील और बलबीर के साथ मिलकर हत्या की थी। पुलिस अभी तक तामराज को नहीं पकड़ सकी थी।

तामराज उर्फ ताम्रध्वज उर्फ महावीर पुत्र हरिराम छत्तीसगढ़ के जिला राजनाथगांव के गांव बडसूम का रहने वाला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह नोएडा में नाम बदलकर रह रहा था। नई मंडी कोतवाली पुलिस ने आरोपी प्रवीण शिवाजी को दो साल पहले गिरफ्तार किया था।

अदालत में 19 मार्च को सुनवाई
पुलिस ने प्रकरण में अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए थे। प्रकरण की सुनवाई मुख्य पॉक्सो कोर्ट में चल रही है। अभी तक सिर्फ एक गवाह की गवाही हुई है। गवाह पत्रकार विजय सैनी की गवाही अभी तक नहीं हो सकी है। सुनवाई के लिए 19 मार्च नियत है।

गुजरात के मुकदमे में गवाह था अखिल
सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पीड़िताओं का आरोप था कि वर्ष 1997 से 2006 के बीच आसाराम के आश्रम में यौन उत्पीड़न के समय रसोइये अखिल और उसकी पत्नी भी आश्रम में मौजूद थे। 20 अक्तूबर 2013 को गुजरात पुलिस विमान से दंपती को अहमदाबाद ले गई थी। लंबी पूछताछ के दौरान अखिल सरकारी गवाह बन गया था।

अहमदाबाद आश्रम में 11 साल तक रहा था अखिल
शहर निवासी अखिल गुप्ता वर्ष 1997 में संत आसाराम का भक्त बना था। कुछ दिन बाद ही आसाराम ने उसे अपना रसोइया बना लिया। आश्रम में छत्तीसगढ़ के रायपुर की सेवादार वर्षा से अखिल गुप्ता ने शादी कर ली थी। वर्ष 2008 में अखिल और वर्षा ने आश्रम छोड़ दिया था। इसके बाद वह शहर में ही रहकर दूध का व्यवसाय करने लगा था।
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Author: planetnewsindia

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