जम्मू, कठुआ और सांबा जिलों में सक्रिय 70 गैंगस्टरों और नशा तस्करों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी है, और उनकी पांच साल में जुटाई गई संपत्तियों की जांच की जा रही है।

पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टरों और नशा तस्करों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर ली है। जम्मू, कठुआ और सांबा जिले में ऐसे करीब 70 अपराधियों के सक्रिय होने का संदेह है, जो बार-बार अपराध कर रहे हैं। सभी थानेदारों को अपने-अपने इलाके में सक्रिय इन अपराधियों की सूची तैयार कर सौंपने के लिए कहा गया है। सूचियां तैयार होते ही पुलिस इन पर कार्रवाई करेगी।
थानेदारों को ये भी आदेश दिया गया है कि सूची तैयार करते वक्त सीआईडी का सहयोग लें। क्योंकि सीआईडी के पास भी इनका रिकॉर्ड है। दोनों का रिकॉर्ड मिलाया जाएगा तो प्रभावी और ठोस कार्रवाई की जा सकेगी। कार्रवाई के लिए एक मजबूत आधार होगा।
सूत्रों का कहना है कि कुछ दिन पहले आईजी जम्मू भीमसेन टूटी ने जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों के एसएसपी, डीएसपी और कुछ चुनिंदा थानेदारों को बुलाया था। जम्मू, सांबा और कठुआ रेंज के डीआईजी शिवकुमार शर्मा भी इसमें विशेष रूप से मौजूद रहे। इसी दौरान गैंगस्टरों पर कार्रवाई करने की योजना बनाई गई है।
गैंगस्टरों से पहली बार जुड़ने वालों को सुधरने का मौकासूत्रों का कहना है कि गैंगस्टरों से पहली बार जुड़ने वाले कुछ लोगों की पहचान की गई है। किसी एक वारदात के बाद गैंग से जुड़ने वाले इन युवाओं के परिवार को बुलाया जाएगा। साथ ही युवाओं को भी बुलाया जाएगा। पुलिस इनके परिवारों को बताएगी कि वह गैंगस्टरों के साथ जुड़ रहा है। जिस पर आपकी संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी, यदि ये नहीं सुधरा। पुलिस युवाओं की काउंसलिंग भी करेगी कि गैंगस्टरों से जुड़ने में कोई भविष्य नहीं है। इसका परिणाम ये होगा कि संपत्ति कुर्क होगी और सख्त कार्रवाई भी।
बताया जा रहा है कि तीन जिलों के इन 70 गैंगस्टरों और नशा तस्करों की पिछले पांच वर्ष में जुटाई गई संपत्ति की जांच भी शुरू कर दी गई है। संबंधित क्षेत्रों के थानेदाराें को इस काम पर लगाया गया है। ये संपत्ति प्लाट, मकान, कारोबार के रूप में शामिल हैं। थानेदार पता लगाएंगे कि पांच वर्ष पहले इनके पास क्या था और अब क्या है। संपत्तियां कहां से जमा हुई हैं। इसमें किन-किन लोगों ने इनका सहयोग किया है।संपत्तियां कुर्क कर रहे, और भी होंगीपुलिस की तरफ से कुछ कुख्यात नशा तस्करों की संपत्तियां कुर्क की गई हैं। लेकिन इसमें बड़ी कार्रवाई की जरूरत है। कार्रवाई करने के लिए चुनौतियां बहुत हैं। क्योंकि अपराधी लगातार तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। शिव कुमार, डीआईजी जम्मू
Author: planetnewsindia
8006478914