पार्किंग बनाओ, वरना करेंगे सील: 69 भवनों को 15 वर्ष से जारी हो रहे ऐसे नोटिस, होता कुछ नहीं

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पार्किंग न होने को लेकर 35 निजी अस्पताल, 7 स्कूल कॉलेज, 13 होटल-गेस्टहाउस और 14 शापिंग मॉल-कांप्लेक्स को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। 15 साल से 69 भवनों को नोटिस जारी हो रहे हैं, पर हो कुछ नहीं रहा।

Notice going only when there is no parking

अलीगढ़ के रामघाट रोड पर बने भवनों को पार्किंग बनाने के लिए 2010 से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। हर बार चेताया जाता है कि अगर पार्किंग नहीं बनाई गई तो भवन को सील कर दिया जाएगा। इस मार्ग पर प्रशासन ने ऐसे 69 भवनों का चिन्हीकरण किया है जिनमें या तो पार्किंग है ही नहीं या फिर अगर है तो उसका प्रयोग किसी दूसरे कार्य में किया जा रहा है। अब फिर से नोटिस जारी किए जाने हैं। कमिश्नर ने एडीए को निर्देशित किया है कि सख्त कार्रवाई की जाए। अब कार्रवाई हर साल जैसी ही होगी या कुछ आगे बढ़ेगी यह तो वक्त ही बताएगा।

मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली मीटिंग में ऐसे भवनों को एडीए से नोटिस दिलवाने के निर्देश दिए गए हैं। एडीए स्तर से इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी। हमारे स्तर से नोटिस व उसके जवाब के बाद वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। -मुकेश चंद्र उत्तम, एसपी यातायात

इन्हें जाएंगे नोटिस 

  • 35 निजी अस्पताल
  • 7 स्कूल कॉलेज
  • 13 होटल-गेस्टहाउस
  • 14 शापिंग मॉल-कांप्लेक्स

ये हालात हैं रामघाट रोड के
शहर के सबसे व्यस्त व सबसे ज्यादा व्यावसायिक गतिविधियों वाले रामघाट रोड को दुबे पड़ाव से लेकर क्वार्सी चौराहा तक छह किमी का रास्ता दिन में 30 से 45 मिनट के बीच तय होता है। कभी कभी तो एक घंटे का समय भी ट्रैफिक की भीड़ में फंसे-फंसे ही बीत जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह सडक़ किनारे वाहनों का खड़ा होना, ठेले खोमचों वालों की भीड़ का होना भी है। दूसरा बड़े बड़े व्यावसायिक भवनों की पार्किंग सडक़ों पर होना है। इस प्रमुख मार्ग पर लगने वाला जाम पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को ध्वस्त कर देता है।

इसी मार्ग के जरिए प्रदेश के बरेली, बदायूं, मुरादाबाद और बुलंदशहर समेत कई जिलों का जुड़ाव होता है। मथुरा जाने वाले लोग भी इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। क्वार्सी ओवरब्रिज निर्माण से पहले हुए सर्वे के अनुसार प्रतिदिन 40 हजार वाहन गुजरते हैं। जिनमें से 15 फीसदी वाहन बाईपास से गुजरते हैं। ऐसे में जाम का निदान होना बेहद जरूरी है। मगर स्थायी समाधान सिर्फ नोटिसों तक सीमित रहता है। अब देखना है कि इस बार क्या होगा।

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Author: planetnewsindia

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