माफिया अतीक के भाई अशरफ के साले गैंगस्टर अब्दुल समद उर्फ सद्दाम व उसके गुर्गे मोहम्मद रजा उर्फ लल्ला गद्दी की 5.29 करोड़ की संपत्ति को कुर्क कर लिया गया।

बरेली में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ के साले अब्दुल समद उर्फ सद्दाम और उसके सहयोगी मोहम्मद रजा उर्फ लल्ला गद्दी की संपत्ति मंगलवार को कुर्क कर दी गई। सोमवार को ही दोनों को कुर्की का नोटिस तामील करा दिया गया था। मंगलवार दोपहर पुलिस प्रशासन की टीम हरुनगला पहुंची। यहां दोनों आरोपियों की 5.29 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया। गैंगस्टर एक्ट के तहत बदायूं जेल में बंद सद्दाम और उसके साथी लल्ला गद्दी की बारादरी थाना क्षेत्र के हरूनगला स्थित तीन बीघा जमीन को कुर्क किया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार ने बताया कि 15 दिन में संपत्ति कुर्क करने का आदेश एसडीएम सदर को दिया था। सद्दाम बदायूं जेल में बंद है। लल्ला गद्दी हाल में जमानत पर जेल से बाहर आया है। सदर तहसील की टीम ने बदायूं जेल में संपर्क कर नोटिस तामील कराया। जारी आदेश के अनुसार सद्दाम व लल्ला गद्दी की हरूनगला स्थित भूमि गाटा संख्या 530 व 531 रकबा 1.580 हेक्टेयर में से 1/10 भाग करीब तीन बीघा भूमि को गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा (14) 1 के तहत राज्य सरकार के पक्ष में कुर्क किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 5,29,44,360 रुपये है। एसएसपी की रिपोर्ट पर डीएम ने कुर्की का आदेश दिया था।
गुर्गों के नाम पर खरीदी थी करोड़ों की जमीन
बदायूं जेल में बंद सद्दाम ने बरेली में रहते हुए उमेश पाल हत्याकांड में अशरफ का सहयोग किया और बरेली जेल में बंद रहने के दौरान उसके लिए सुविधाओं का इंतजाम किया। विवेचना और कार्रवाई में यह तथ्य सामने आए। लल्ला गद्दी स्थानीय होने के नाते अशरफ के सहारे शहर में अपनी राजनीति चमकाना चाहता था। उसका यह भी मकसद था कि खुश होकर माफिया अशरफ उसको इनाम दे और सद्दाम के जरिये काली कमाई उसके द्वारा बतायी गई जमीनों में लगा दे। लल्ला गद्दी काफी हद तक इसमें कामयाब भी हो रहा था।
बदायूं जेल में बंद सद्दाम ने बरेली में रहते हुए उमेश पाल हत्याकांड में अशरफ का सहयोग किया और बरेली जेल में बंद रहने के दौरान उसके लिए सुविधाओं का इंतजाम किया। विवेचना और कार्रवाई में यह तथ्य सामने आए। लल्ला गद्दी स्थानीय होने के नाते अशरफ के सहारे शहर में अपनी राजनीति चमकाना चाहता था। उसका यह भी मकसद था कि खुश होकर माफिया अशरफ उसको इनाम दे और सद्दाम के जरिये काली कमाई उसके द्वारा बतायी गई जमीनों में लगा दे। लल्ला गद्दी काफी हद तक इसमें कामयाब भी हो रहा था।
लल्ला गद्दी के इशारे पर सद्दाम ने हरूनगला की जमीन में निवेश किया। पुलिस की छानबीन में पूरा मामला खुल गया। लल्ला गद्दी के साथी फुरकान ने सद्दाम को प्रॉपर्टी डीलर फरहद उर्फ गुड्डू से भी मिलवाया था। मुंशीनगर में फरहद के नाम से जमीन लेने की तैयारी थी, लेकिन लल्ला गद्दी ने तेजी दिखाकर इलियास और जाहिद के नाम पर हरूनगला स्थित जमीन का इकरारनामा करा दिया। लल्ला गद्दी ने फंसने के डर से बैनामे के बजाय इलियास और जाहिद के नाम से जमीन का एग्रीमेंट कराया। पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद जब गिरोह के गुर्गों की जमीन और खातों की जानकारी खंगाली तो हरूनगला में स्थित जमीन का मामला सामने आया।
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Author: planetnewsindia
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