निशान सिंह ने बताया कि वह उज्ज्वल भविष्य के लिए 23 जून 2022 को फ्रांस गया था। बाद में उसके परिजनों ने फ्रांस से सीधे अमेरिका जाने के लिए एक एजेंट से 35 लाख रुपये में बातचीत की। जमीन पर कर्जा लेने, सोना बेचने के बाद उन्होंने एजेंट को करीब 17 लाख रुपये नकद दिए थे।
अमेरिका से डिपोर्ट हो कर देर रात अमृतसर पहुंचे कपूरथला के गांव चक्केकी वासी 19 वर्षीय निशान सिंह ने घर पहुंचने पर बड़े खुलासे किए। उसके परिवार ने उसे लाखों रुपये खर्च कर अमेरिका भेजा था। वह अब अमेरिका द्वारा डिपोर्ट किए जाने के बाद सुबह अपने गांव चक्केकी वापस आ गया है। ढिलवां थाना एसएचओ मनजीत सिंह के नेतृत्व में निशान सिंह को उसके घर पहुंच वारिसों के हवाले कर दिया गया।
निशान सिंह ने बताया कि वह उज्ज्वल भविष्य के लिए 23 जून 2022 को फ्रांस गया था। बाद में उसके परिजनों ने फ्रांस से सीधे अमेरिका जाने के लिए एक एजेंट से 35 लाख रुपये में बातचीत की। जमीन पर कर्जा लेने, सोना बेचने के बाद उन्होंने एजेंट को करीब 17 लाख रुपये नकद दिए और बाकी पैसे अलग-अलग खातों में जमा करा दिए।
विभिन्न देशों से गुजरते हुए वे 24 जनवरी 2025 को अमेरिकी कैंप में दाखिल हुए। अमेरिकी कैंप में भी हालात खराब थे, वहां भी उनके साथ मारपीट की गई। अमेरिकी कैंप में मौजूद पाकिस्तानी अनुवादक ने उन्हें बताया कि अब उन्हें भारत भेजा जा रहा है। निसान सिंह की मां बलविंदर कौर और परिवार के सभी सदस्यों ने सरकार से उनकी मदद करने की मांग की।
Author: planetnewsindia
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