हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के गुमटी गांव का युवक रितेश (19) जिसे एजेंट ने मुंबई में एक विदेशी दवा कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अमेरिका पहुंचाया।
अमेरिका से अवैध प्रवासियों के साथ विमान में अमृतसर हवाई अड्डे पर पहुंचने वालों में हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के गुमटी गांव का युवक रितेश (19) भी रहा। बताया जा रहा है कि एजेंट ने मुंबई में रितेश को एक विदेशी दवा कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अमेरिका पहुंचाया। यहां पहुंचाने से पहले कई देशों में ले जाया गया और उसे टार्चर करके घरवालों से पैसों की मांग की गई। घरवालों ने अपने बेटे की सलामती के लिए किस्तों में 45 लाख रुपये की राशि गंवा दी। हैरानी की बात यह रही कि यह सारा पैसा नकद लिया गया। इसे परिजनों ने हरियाणा के नारायणगढ़ में एजेंट की बताई जगह पर सौंपा।

अमेरिका से अवैध प्रवासियों के साथ विमान में अमृतसर हवाई अड्डे पर पहुंचने वालों में हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के गुमटी गांव का युवक रितेश (19) भी रहा। बताया जा रहा है कि एजेंट ने मुंबई में रितेश को एक विदेशी दवा कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अमेरिका पहुंचाया। यहां पहुंचाने से पहले कई देशों में ले जाया गया और उसे टार्चर करके घरवालों से पैसों की मांग की गई। घरवालों ने अपने बेटे की सलामती के लिए किस्तों में 45 लाख रुपये की राशि गंवा दी। हैरानी की बात यह रही कि यह सारा पैसा नकद लिया गया। इसे परिजनों ने हरियाणा के नारायणगढ़ में एजेंट की बताई जगह पर सौंपा।
उन्होंने बताया कि इस 25 जनवरी को उनका बेटा अमेरिका में दाखिल हुआ। यहां पर उसे सीबीपी ने अपनी कस्टडी में ले लिया। इसके बाद उसकी घर वापसी हो रही है। उन्होंने बताया कि अभी वह अपने रिश्तेदारों के यहां रोपड़ में है। उनका बेटा उन तक नहीं पहुंचा है लेकिन उसने बताया कि आते हुए उसे कोई दिक्कत नहीं हुई, समय पर खाना और दूसरी चीजें उपलब्ध करवाई गई हैं।
Author: planetnewsindia
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