Abhinav Kidnapping Case: अपहरणकर्ताओं से छुड़ाए गए जिओ फाइबर के मैनेजर अभिनव ने बताया कि वो जबरन शराब पिलाते थे। तमंचे की बट से बेरहमी के साथ पीटते थे। जिओ फाइबर के मैनेजर ने खौफनाक मंजर की दास्तां सुनाई।

यूपी पुलिस ने बदमाशों से मुक्त कराए गए जिओ फाइबर के मैनेजर अभिनव भारद्वाज ने अपहरणकर्ताओं द्वारा दिए गए जख्म दिखाते हुए जो खौफनाक कहानी सुनाई उससे हर किसी को रोंगटे खड़े हो गए।
अभिनव का कहना है कि उसे जबरन शराब पिलाई जाती थी। जब भी वह होश में आता था तभी कोई तीव्र नशा उसे दे दिया जाता था। कभी तमंचे की बट से तो कभी पीवीसी पाइप से पीटा जाता था। उसके हाथ, पांव, कमर और सिर पर चोट के गहरे निशान हैं।
होटल में खाया कंपनी के स्टाफ के साथ खाना
जिओ मैनेजर ने अपहरण की पूरी कहानी बयां करते हुए बताया कि वह सिकंदराराऊ में अपने जिओ स्टोर का निरीक्षण करने के लिए एक जनवरी की दोपहर को घर से निकले थे। हाथरस से सिकंदराराऊ ईको कार से पहुंचे। स्टोर घूमने के बाद वहां के होटल मिश्री पर कंपनी के स्टाफ के साथ पार्टी कर खाना खाया था। वहां से जिओ के एक सहकर्मी के साथ बाइक से पंत चौराहे तक आए।
जबरदस्ती कार में खींचा
यहां से बाइक वाला कर्मी अपने घर के लिए निकल गया। वह हाथरस आने के लिए बस या अन्य वाहन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक स्विफ्ट कार आई, जिसमें चार लोग सवार थे। उन्होंने जबरदस्ती कार में खींच लिया। विरोध करने की कोशिश की तो सिर पर तमंचा तान दिया और जान से मारने की धमकी दी।
व्हाट्सएप कॉल व वीडियो कॉल के जरिए पत्नी से मांगी फिरौती
अभिनव ने बताया कि शायद मेरे खाने में कुछ मिला दिया गया था, जिससे वह जल्दी ही अचेत हो गए थे। इसके बाद बदमाश उन्हें अल्मोड़ा ले गए। वहां एक होटल के कमरे में रखा गया। रास्ते में ही उनके फोन से सिम को निकालकर तोड़कर फेंक दिया था। उनके ही फोन से हॉटस्पाट कनेक्ट कर व्हाट्सएप कॉल व वीडियो कॉल के जरिए उनकी पत्नी स्वीटी को फोन कर फिरौती की मांग की गई थी।
बंद कमरे में रोजाना पीटा जाता था
अभिनव ने बताया कि कमरे पर पहुंचने के बाद वहां पांच बदमाश और आ गए। इससे पहले उनके साथ गाड़ी में मारपीट की गई। बंद कमरे में रोजाना उन्हें पीटा जाता रहा। पीवीसी पाइप, पिस्टल की बट से बदमाश उन्हें मारते थे। इसके बाद शराब व अन्य नशीली चीज खिलाकर बेहोश कर देते थे।
मोबाइल से ली थी परिवार की जानकारी
अपहरणकर्ताओं ने सिम निकालने के बाद अभिनव के मोबाइल को अपने पास रख लिया था। उसमें सुरक्षित डाटा को खंगाला। मोबाइल से खींची गई फोटो के जरिए उसके पूरे परिवार के सदस्यों की जानकारी ली। मोबाइल फोटो के जरिए यह भी पता किया था कि कितने बच्चे हैं और परिवार में कौन-कौन है।
बता दें कि जियो मैनेजर अभिनव भारद्वाज का एक जनवरी की रात करीब 9 बजे सिकंदराराऊ से अपहरण हुआ था। एसटीएफ व हाथरस पुलिस की टीम ने 4 जनवरी की सुबह मुरादाबाद में मुठभेड़ के बाद अभिनव को सकुशल बचा लिया था। मुठभेड़ के दौरान चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

Author: planetnewsindia
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