सड़क दुर्घटना में व्यक्ति की मौत, महिला घायल

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Sunil Kumar

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आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग पर अज्ञात वाहन ने एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार दंपत्ति घायल हो गये, घायलों को उपचार के लिए सीएचसी लाया गया। जहां चिकित्सकों ने बाइक सवार युवक को मृत घोषित कर दिया। घटना में घायल महिला का प्राथमिक उपचार देकर अलीगढ़ रेफर कर दिया। पुलिस ने मृतक के शब को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को अलीगढ़ के रामनगर निवासी तेजपाल पुत्र स्वर्गीय चंद्रपाल बाइक द्वारा अपनी बाइक से पत्नी ममता को साथ लेकर सासनी के गांव ऊसवा अपनी ससुराल में हुई एक गमी में शरीक होने आया था । जो देर शाम अपने घर अलीगढ जा रहा था। बताते हैं कि चैदह नंबर नलकूप भट्टा के निकट अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार दंपत्ति सडक पर गिरकर घायल हो गये।घटना की जानकारी होने पर मौके पर लोगो की भीड जुट गई। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लोगों की मदद से घायल दंपत्ति को उपचार के लिए सासनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। जहां चिकित्सकों ने तेजपाल को मृत घोषित कर दिया। घटना में गंभीर घायल ममता को उपचार के लिए अलीगढ़ रेफर कर दिया। वहीं पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेजा है। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। समचार लिखे जाने तक घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी, फिलहाल पुलिस प्राथमिकी जांच में जुटी है।

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Author: Sunil Kumar

SASNI, HATHRAS

सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।