संभल की वक्फ संपत्तियों की जांच होगी। जामा मस्जिद के पास बन रही पुलिस चौकी की जमीन पर दावे के बाद यह फैसला लिया गया है।

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इसके बाद दस्तावेजों की जांच की गई थी। जांच में लोगों की ओर से पेश किए गए सभी दस्तावेज वैध नहीं मिले थे। इसके बाद यह सामने आया है कि शहर में कई वक्फ संपत्तियां हैं, जिनके खुर्दबुर्द करने की आशंका हैं। डीएम ने बताया कि वक्फ की दो तरह की जमीनें होती हैं।
पहली वक्फ अल औलाद और दूसरी वक्फ अलल खैर। दोनों ही तरह की जमीन में कुछ शर्ते होती हैं, लेकिन इनको बेचा नहीं जा सकता है। उन्होंने बताया कि जानकारी मिली है कि कई वक्फ संपत्तियों को खुर्दबुर्द किया गया है। इसकी जांच के लिए टीम बनाई जाएगी, जांच के बाद हकीकत सामने आएगी।
यह ऐसी संपत्ति होती है जिसे कोई व्यक्ति मुस्लिम समुदाय को दान में देता है। इसका मकसद किसी व्यक्ति या परिवार के कल्याण के लिए होता है।
वक्फ अलल खैर
यह ऐसी संपत्ति होती है जिसका मालिक कोई नहीं होता। इसका मकसद आम जनता के कल्याण के लिए होता है। इस संपत्ति की देखभाल की जिम्मेदारी वक्फ बोर्ड की होती है। वक्फ बोर्ड इस संपत्ति के लिए एक प्रबंधक यानी मुतवल्ली नियुक्त करता है।
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी की कुवैती नेताओं से हालिया मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि क्या पीएम मोदी संभल में मस्जिद के पास वक्फ की जमीन पर बनाई जा रही पुलिस चौकी को कुवैती नेताओं को दिखा सकते हैं। एआईएमआईएम चीफ ने कहा, पीएम शेखों को बुलाकर दिखाएं कि उनकी सरकार संभल में क्या कर रही है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार इलाके में मिली बावड़ी के रास्ते को बंद करने के लिए चौकी का निर्माण कर रही है। औवेसी का आरोप है कि संभल में जामा मस्जिद के पास पुलिस चौकी का निर्माण वक्फ की जमीन पर किया जा रहा है।
