MP: बोरवेल में गिरे 10 साल के मासूम को निकाला गया, बेहोशी की हालत में भेजा गया अस्पताल

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एएसपी मान सिंह ठाकुर ने कहा, ‘सुमित कल दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बोरवेल में गिर गया. उसे बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान शाम करीब छह बजे शुरू हुआ. आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे सुमित को बोरवेल से बाहर निकाला गया.’ बोरवेल. उसे अस्पताल ले जाया गया है, उसकी सांसें धीमी हैं. वह अभी बेहोश है…”

मध्य प्रदेश के गुना जिले में बोरवेल में गिरे 10 साल के मासूम को बाहर निकाल लिया गया है. सुमित शनिवार को पिपलिया गांव में एक बोरवेल में गिर गया था, जिसे बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था. इसकी जानकारी देते हुए गुना के एएसपी मान सिंह ठाकुर ने कहा, ‘सुमित कल दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बोरवेल में गिर गया. उसे बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान शाम करीब छह बजे शुरू हुआ. आज सुबह करीब साढ़े नौ बजे सुमित को बोरवेल से बाहर निकाला गया.’ बोरवेल. उसे अस्पताल ले जाया गया है, उसकी सांसें धीमी हैं. वह अभी बेहोश है

बता दें कि राघौगढ़ के कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने बच्चे के गिरने की जानकारी देते हुए कहा था कि बच्चा करीब 39 फीट की गहराई पर फंसा हुआ था. गुना कलेक्टर सतेंद्र सिंह ने बताया कि बोरवेल करीब 140 फीट गहरा है. बच्चे को बचाने के लिए 25 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था.

पुलिस और अन्य स्थानीय एजेंसियों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया, वहीं देर शाम भोपाल से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई. उन्होंने बताया कि बोरवेल में ऑक्सीजन पंप किया जा रहा है.

राजस्थान में अब भी जारी रेस्क्यू ऑपरेशन :

उधर, राजस्थान के कोटपुतली में 6 दिन पहले खुले बोरवेल में गिरी 5 वर्ष की चेतना को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है. बच्ची को बाहर निकालने के लिए आपदा प्रबंधन दल (एनडीआरएफ) के दो- दो जवान तीन बार में 170 फीट गहरे गड्डे में उतरे हैं. यह गड्डा बोरवेल के समानांतर बनाया गया है. इस गड्डे से बोरवेल तक सुरंग खोदी जा रही है. जवानों की सुरक्षा के लिए आक्सीजन का प्रबंध किया गया है…

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Author: planetnewsindia

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।