
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को आज सुबह दिल्ली स्थित एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया। उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया था। फिलहाल डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हालांकि, उनके स्वास्थ्य को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई थी।
दुर्भाग्यवश, 92 वर्षीय डॉ. मनमोहन सिंह का आज निधन हो गया। वह देश के 14वें प्रधानमंत्री थे और उन्होंने एक दशक तक देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को दिशा दी। उनके नेतृत्व में भारत ने अभूतपूर्व विकास दर हासिल की, जिससे देश की अर्थव्यवस्था लगभग दो ट्रिलियन डॉलर तक पहुंची।
डॉ. मनमोहन सिंह का मानना था कि आर्थिक विकास समावेशी होना चाहिए। इस विचार को उन्होंने कई ऐतिहासिक कानूनों के माध्यम से साकार किया, जिनमें भोजन का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, रोजगार का अधिकार और सूचना का अधिकार शामिल हैं। उनके प्रधानमंत्री रहते, 2004 से 2014 के बीच, भारत ने वैश्विक स्तर पर एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाई।
1991 में वित्त मंत्री के तौर पर उन्होंने उदारीकरण की शुरुआत की और अपने बजट भाषण के दौरान कहा, “दुनिया की कोई ताकत उस विचार को नहीं रोक सकती, जिसका समय आ चुका हो।” उनके इस विचार ने भारत के भविष्य की आर्थिक नींव रखी।
डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को पंजाब में हुआ। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की और बाद में कैम्ब्रिज और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालयों से उच्च शिक्षा पूरी की। वह एक प्रतिभाशाली शिक्षक, अर्थशास्त्री और प्रशासक थे, जिन्होंने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
उनके शांत स्वभाव, मेहनत और ईमानदारी के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। डॉ. सिंह ने न केवल भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी, बल्कि अपने नैतिक मूल्यों और अद्वितीय नेतृत्व से भारतीय राजनीति में नई मिसाल कायम की।
Author: planetnewsindia
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