
गिरफ्तार पैर में लगी गोली, सितंबर से दिसंबर के बीच हुए मुठभेड में हर बार निशाना बदमाशों का पैर ही क्यो सवाल समझ के परे।
केस नम्बर 1- बीते 17/8/2024 को लंका-चितईपुर पुलिस के संयुक्त मुठभेड़ में बदमाश चंदन सिंह व अंशु खरवार के पैर में गोली लगी।
केस नम्बर 2 – बीते 27/9/2024 को राजातालाब पुलिस के मुठभेड़ में बदमाश राजकुमार के पैर में गोली लगी।
केस नम्बर 3 – बीते 13/11/2024 को चौबेपुर पुलिस के मुठभेड़ में बदमाश बहादुर पाल को पैर में गोली लगी।
केस नम्बर 4 – बीते 7/12/2024 को लंका व भेलूपुर पुलिस के संयुक्त मुठभेड़ में बदमाश विशाल सोनकर को पैर में गोली लगी।
केस नम्बर 5 – आज बीती रात यानी 11/12/2024 को रोहनिया व मंडुवाडीह के संयुक्त मुठभेड़ में भी बदमाश बेदी पटेल के पैर में ही गोली लगी है।
बदमाशों के आने की सूचना पर पुलिस घेराबंदी कर खड़ी रहती है पुलिस द्वारा बदमाशों को रोकने का इशारा किया जाता है और बदमाशों द्वारा पुलिस पर फायरिंग की जाती है उसी जवाबी फायरिंग में पुलिस भी बदमाशों पर फायरिंग करती है और फिर क्या हर बार के तरह मुठभेड़ में बदमाशों को पैर में ही गोली लग जाती है और वह गिर जाता है पुलिस गिरफ्तार कर सुर्खियों में आ जाती है इस सवाल का जवाब जल्द ही एक इंटरव्यू में पुलिस आयुक्त वाराणसी से मीडिया टीम लेने का कार्य करेगी।
मीडिया रिपोर्टर पंकज कुमार गुप्ता जालौन उत्तर प्रदेश प्लानेट न्यूज
Author: planetnewsindia
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