
बरेली । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मीरगंज पर बृहस्पतिवार को रुपये लेकर प्रसव कराने का एक वीडियो वायरल हुआ था, वो मामला अभी शांत नहीं हुआ। इस बीच सीएचसी स्टाफ पर पांच हजार रुपये लेकर प्रसव कराने का आरोप फिर लगा है उमेश नाम के एक व्यक्ति ने स्वास्थ्य अधिकारियों पर आरोप लगाया है, कि उनकी पत्नी अनीता की डिलीवरी के लिए अस्पताल के कर्मचारियों ने उनसे 5000 रुपये की रिश्वत ली। उमेश का कहना है, कि पहले उनसे इलाज शुरू करने के लिए 10 हजार की मांग की गई थी और रिश्वत देने से पहले उनकी पत्नी को भर्ती करने से इनकार कर दिया गया था। सोमवार को जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी के नेतृत्व में ग्रामीणों व भाजपा सदस्यों ने सीएचसी पर नारेबाजी कर धरना दिया। सूचना पर उपजिलाधिकारी तृप्ति गुप्ता पहुंचीं। उनके समझाने पर तीन घंटे बाद धरना समाप्त कर लोगों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। इस मामले में मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा और बरेली सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार से भी शिकायत की गई है।
रविवार को गांव नथपुरा निवासी उमेश चंद्र की पत्नी अनीता देवी को प्रसव पीड़ा हुई। वह दोपहर तीन बजे अपनी पत्नी को लेकर सीएचसी पहुंचे। उमेश का आरोप है कि उनसे स्टाफ ने पांच हजार रुपये वसूल लिए। इसके बाद उनकी पत्नी का प्रसव कराया। पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। सोमवार को जब मामला सामने आया तो जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी दर्जनों लोगों के साथ सीएचसी परिसर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करने लगे।
रविवार को गांव नथपुरा निवासी उमेश चंद्र की पत्नी अनीता देवी को प्रसव पीड़ा हुई। वह दोपहर तीन बजे अपनी पत्नी को लेकर सीएचसी पहुंचे। उमेश का आरोप है कि उनसे स्टाफ ने पांच हजार रुपये वसूल लिए। इसके बाद उनकी पत्नी का प्रसव कराया। पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। सोमवार को जब मामला सामने आया तो जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी दर्जनों लोगों के साथ सीएचसी परिसर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करने लगे।
Author: planetnewsindia
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