मुंबई- फिल्मकार जलज ने देश की विभिन्न हस्तियों को सम्मानित किया

Picture of planetnewsindia

planetnewsindia

SHARE:

सिने स्टार रजामुराद, निर्भीक, निडर व साहसी पत्रकार रवीश कुमार, फिल्मकार मनोज अग्रवाल, डॉ.वी.बी.धुरिया, राकेश जेर, एन.कुमार, अंकुर जी, जे.पी.कृष्णा, दीपक पचोर जी, शेख शकील हैदर, गिरजा शंकर अग्रवाल, रीता बिस्वास, आशा यादव आदि को “एकता अवार्ड” प्रदान किया गया।” गिरजा शंकर अग्रवाल की रिपोर्ट – “78 वें स्वतंत्रता दिवस” के शुभ अवसर पर “जलज एण्ड प्रिया क्रियेशंस” और “जलज बॉलीवुड एकेडमी एण्ड फिल्म मेकिंग स्टूडियो” द्वारा बॉलीवुड सहित देश की अन्य क्षेत्रों की हस्तियों को “एकता अवार्ड” द्वारा सम्मानित किया गया है। “प्रेम,एकता एवम् भाईचारा बना रहे और हम सब मिलकर साथ रहें,यही इस “अवार्ड” का उद्देश्य है और फिल्मकार जलज जी का सपना भी।” रवीश कुमार जी,मनोज अग्रवाल, रजामुराद, बीरसिंह, डॉ.वी.बी.धुरिया, राकेश जेर, एन.कुमार, अंकुर जी, जे.पी.कृष्णा, दीपक पचोर जी, शेख शकील हैदर, ज़बीर खान, रुखसाना शेख, रीता बिस्वास, आशा यादव, राज चौबे, पायल नैब, गिरजा शंकर अग्रवाल, डॉ.आर.के.शुक्ल, अजीत विनायक भालेराव, मित्रपाल शिशौदिया, मो.जहाँगीर, डॉ.जय संजय रामटेके, डॉ.अमीन, अंजनि श्रीवास्तव, अभिषेक भारद्वाज, श्याम मोहन गुप्ता, मोनिका श्रीवास्तव, साक्षी, डॉ.अहमद खान, रेहान खान, किशोर श्रीवास्तव, तूलिका सेठ, हेमा चुग, अबू खान, परमजीत कौर, जसप्रीति कौर आदि देश की 251 हस्तियाँ सम्मानित की गयीं हैं।

मीडिया रिपोर्टर पंकज कुमार गुप्ता जालौन उत्तर प्रदेश प्लानेट न्यूज

planetnewsindia
Author: planetnewsindia

8006478914

सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।