Farrukhabad: जन्माष्टमी पर कार्यक्रम देखने निकली दो सहेलियों ने दी जान, पेड़ पर लटकती मिली लाश

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फर्रूखाबाद में दो युवतियों के शव फंदे से लटकते हुए मिले हैं. इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. ये दोनों सहेलियां घर से जन्माष्टमी पर कार्यक्रम देखने निकली थीं, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटीं.

उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद में दो युवतियों के शव पेड़ पर एक ही दुपट्टे से लटकते हुए मिले हैं. ये दोनों सहेलियां देर शाम परिवार के साथ जन्माष्टमी पर कार्यक्रम देखने के लिए निकली थीं. जब देर रात तक वो वापस नहीं लौटीं तो घरवालों ने सोचा कि वो रिश्तेदारी में रुक गई होंगी. बाद में जब दोनों के शव पेड़ से लटकते हुए मिलने की जानकारी हुई तो दोनों के घर में कोहराम मच गया.

यह घटना कायमगंज थाना क्षेत्र के भगौतीपुर गांव के पास की है, जहां आम के बाग में दोनों युवतियों के शव फंदे से लटकते हुए मिले. जब गांववालों ने इसकी सूचना परिजनों को दी तो वो बेटियों के शव को लटकता हुआ देखकर हैरान रह गए. उन्हें समझ ही नहीं आया कि आखिर इन लड़कियों ने ये खौफनाक कदम क्यों उठाया. शुरुआती जांच में पुलिस ने हत्या या रेप की आशंका से इनकार किया है.

पेड़ पर मिले लड़कियों के चढ़ने के निशान

पुलिस के मुताबिक, पेड़ पर लड़कियों के चढ़ने के निशान भी मिले हैं, इसी वजह से पुलिस हत्या की आशंका से इनकार कर रही है. दोनों लड़कियां पक्की दोस्त भी थीं और वो परिवार के साथ देर रात जन्माष्टमी का कार्यक्रम देखने निकली थीं. इस कार्यक्रम स्थल से करीब 150 मीटर दूर आम के बाग में एक ही दुपट्टे से दोनों की लाश लटकते हुए मिली थी. पुलिस को मौके से एक लड़की के ममेरे भाई का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है. पुलिस के अनुसार, ममेरा भाई परिवार के साथ ही जन्माष्टमी कार्यक्रम देख रहा था. परिजनों की ओर से भी हत्या या रेप की आशंका से इनकार किया गया है.

फर्रुखाबाद के एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि हमें कायमगंज के भगौतीपुर गांव से सूचना मिली कि दो लड़कियां (जिनकी उम्र 18 और 15 साल है) एक पेड़ से लटकी मिली हैं. पता चला है कि दोनों करीबी दोस्त थीं. दोनों ने एक ही दुपट्टे से फांसी लगाई है. शुरुआती  जांच में ऐसा लग रहा है कि लड़कियों ने खुद ही ऐसा किया है, लेकिन पोस्टमॉर्टम के बाद ही चीजें साफ हो पाएंगी. हमने मौके से एक फोन और सिम बरामद किया है. इस घटना की वजह पता लगाने के लिए हम मामले की जांच कर रहे हैं.

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Author: planetnewsindia

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सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।