दामन बाजवा ने बताया कि मोहनजीत सिंह ने मुख्यमंत्री के शेरों गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाया था। उनका विरोध शांतिपूर्ण था, लेकिन उन पर अमानवीय अत्याचार किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष ने इसे सांविधानिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया।

सुनाम में भाजपा जिलाध्यक्ष दामन बाजवा ने कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के आवास के बाहर काला झंडा लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सिख युवक मोहनजीत सिंह पर हुए कथित अत्याचार के विरोध में किया गया। मोहनजीत सिंह ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध जताया था।
बाजवा के अचानक पहुंचने से मंत्री के आवास का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। दामन बाजवा ने पुलिस प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो उनके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार करे। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहनजीत सिंह पर अमानवीय अत्याचार किया गया। बाजवा ने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण रोष प्रदर्शन का मौलिक अधिकार देता है।
उन्होंने भगवंत मान सरकार पर नशा खत्म करने के बजाय आवाज उठाने वालों को दबाने का आरोप लगाया। बाजवा ने यह भी कहा कि सरकार चाहे तो उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर जेल में डाले, वे धमकी से डरने वाली नहीं हैं। इस प्रदर्शन पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने प्रतिक्रिया दी। अमन अरोड़ा ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने और प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक पार्टियां इस संवेदनशील मामले पर केवल राजनीति कर रही हैं। इस अवसर पर हरमनदेव सिंह बाजवा भी मौजूद रहे।