सीएम भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर पांच करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोपों पर सियासत गरमाई हुई है। हालांकि डाॅ. काैर ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने आरोप लगाने वालों को इन्हें साबित करने की चुनौती देते हुए कहा था कि उनके खिलाफ राजनीतिक रूप से निशाना साधने का प्रयास किया जा रहा है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल की महिला इकाई ने शनिवार को चंडीगढ़ में रोष मार्च निकाला।
प्रदर्शनकारी महिलाएं सीएम आवास की तरफ बढ़ीं। पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद दोनो पक्षों के बीच टकराव हो गया। भारी हंगामे के बीच पुलिस ने सांसद हरसिमरत काैर बादल को हिरासत में ले
लिया।
सांसद हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अकाली महिला कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग कर भारी सुरक्षा व्यवस्था की है।
अकाली दल का आरोप है कि मुख्यमंत्री की पत्नी पर पांच करोड़ रुपये मांगने के गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी इस मामले को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी इन आरोपों का संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
मार्च के दौरान महिला कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती रहीं। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के आमने-सामने आने की स्थिति में माहौल तनावपूर्ण होने की आशंका है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को रोका जिसके बाद उन्होंने सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया।
दूसरी ओर, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता परनीत कौर ने भी पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों पर लगे आरोपों को राजनीतिक बताकर खारिज करने के बजाय जांच एजेंसियों को सच्चाई सामने लानी चाहिए।