पानी का तेज बहाव और दरिया का विस्तृत क्षेत्र तस्करों के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करता है, जिससे उनके पकड़े जाने का खतरा काफी कम हो जाता है।

भारत और पाकिस्तान के बीच बहने वाला सतलुज दरिया, बारिश के मौसम में दोनों देशों के तस्करों के लिए तस्करी का एक प्रमुख जरिया बन गया है। दरिया में जलस्तर बढ़ने और पानी के तेज बहाव के साथ ही तस्कर अधिक सक्रिय हो जाते हैं, और इसी दौरान पाकिस्तान से हेरोइन और असलहे की खेप दरिया के रास्ते भारत पहुंचाने की कोशिशें तेज हो जाती हैं।
खुफिया सूत्रों के अनुसार, पानी का तेज बहाव और दरिया का विस्तृत क्षेत्र तस्करों के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करता है, जिससे उनके पकड़े जाने का खतरा काफी कम हो जाता है। हाल ही में, ब्लॉक ममदोट के गांव गजनी वाला के पास पाकिस्तान से हेरोइन के 46 पैकेट और तीन पैकेट आइस ड्रग बरामद किए गए थे। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई काउंटर इंटेलिजेंस और बीएसएफ ने संयुक्त रूप से की थी।
बारिश के सीजन में सीमावर्ती क्षेत्र में सतलुज नदी का बढ़ा जलस्तर तस्करों के लिए चुनौती के साथ-साथ अवसर भी पैदा करता है। सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय कुछ तस्कर, जिन्हें तैराकी का अच्छा अनुभव है, पानी के रास्ते सीमा पार करने का प्रयास करते हैं। दरिया हरिके हेड से लेकर फाजिल्का तक कई स्थानों पर पाकिस्तान में प्रवेश करता है और फिर भारत में घुसता है। इन संवेदनशील स्थानों पर फेंसिंग न होने के कारण तस्कर इन रास्तों का बेखूबी इस्तेमाल करते हैं।
तस्करी के बड़े मामले
वर्ष 2023 में गजनी वाले क्षेत्र में लगभग 30 किलो हेरोइन की खेप के साथ पाकिस्तानी तस्करों के पहुंचने का मामला सामने आया था। उस समय दरिया में बाढ़ की स्थिति थी और तस्करों ने प्लास्टिक के ड्रमों का सहारा लिया था। इसी तरह, वर्ष 2025 में सीमावर्ती गांव टेंडी वाला के पास भी पाकिस्तान से दरिया के रास्ते लगभग 70 किलो हेरोइन पहुंचने का मामला प्रकाश में आया था। गजनी वाला और टेंडी वाला दोनों ही ऐसे क्षेत्र हैं जहां सतलुज दरिया पाकिस्तान से भारत की ओर प्रवेश करता है।
दरिया के रास्ते तस्करी के तरीके
तस्कर सतलुज दरिया के माध्यम से पाकिस्तान से भारत में हेरोइन और असलहा पहुंचाने के लिए विभिन्न तरीके अपनाते हैं। ट्रक की ट्यूब और प्लास्टिक के ड्रमों का उपयोग करके तस्कर पानी में लंबी दूरी तय करते हैं। कई बार हेरोइन के पैकेटों को रस्सी से बांधकर दरिया के रास्ते भारतीय सीमा तक खींचा जाता है। जलकुंभी के ऊपर नशीले पदार्थों के पैकेट रखकर पानी के बहाव के साथ उन्हें भारतीय क्षेत्र की ओर भेजने का तरीका भी सामने आया है। इसके अलावा, तस्कर नावों पर हेरोइन रखकर भारत की ओर धकेल देते हैं, और बीएसएफ ने पाकिस्तान की कई ऐसी नावें भी पकड़ी हैं। कुछ मामलों में, पाकिस्तानी तस्करों के दरिया में तैरकर भारतीय क्षेत्र में घुसने की बात भी सामने आई है। बीएसएफ लगातार दरिया के रास्ते होने वाली असलहा और नशीले पदार्थों की तस्करी के प्रयासों को विफल कर रही है।
