भारतीय कंपनी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसके या कर्मचारियों की गैरकानूनी गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं है। वीजा आवेदन स्वीकार करने जांचने मंजूर या खारिज करने का अंतिम अधिकार स्पेनिश अधिकारियों के पास है।

स्पेन के अल्जीयर्स स्थित वाणिज्य दूतावास में कथित वीजा रिश्वतखोरी और फर्जी दस्तावेजों की जांच का दायरा बढ़ने के बाद भारतीय वीजा सेवा कंपनी के शेयरों पर दबाव दिखा। सोमवार को शेयर करीब 14 फीसदी गिरकर 233.47 रुपये तक पहुंचा। मंगलवार को 242.17 रुपये पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 10.73 फीसदी नीचे है।
जांच कथित नेटवर्क पर केंद्रित है जिसमें आवेदकों से मोटी रकम लेकर वीजा प्रक्रिया में अनुचित फायदा पहुंचाने का आरोप है। कुछ मामलों में एक परिवार से 25 हजार यूरो यानी करीब 26-28 लाख रुपये लेने के आरोपों की जांच हो रही है। बदले में शेंगेन वीजा काम की अनुमति या निवास संबंधी दस्तावेज दिलाने में मदद की आशंका है।
कंपनी बोली- हमारी भूमिका सिर्फ प्रशासनिक
भारतीय कंपनी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसके या कर्मचारियों की गैरकानूनी गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं है। वीजा आवेदन स्वीकार करने जांचने मंजूर या खारिज करने का अंतिम अधिकार स्पेनिश अधिकारियों के पास है। कंपनी को 2016 में स्पेन के विदेश मंत्रालय से कई देशों में वीजा सेवाओं के लिए करीब 175 मिलियन यूरो का अनुबंध मिला था।