भारतीय ध्वज संहिता और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के अनुसान, राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को उल्टा फहराना या पकड़ना कानूनन अपराध है।

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर निकाली जा रही एक तिरंगा यात्रा के दौरान एक ट्रैक्टर पर राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा फहराया गया। यह घटना 13 अगस्त को बरला के गांव पहाड़ीपुर से शुरू हुई ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा के दौरान हुई। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष राम अवतार यादव ने हरी झंडी दिखाकर इस यात्रा का शुभारंभ किया था।
यात्रा पहाडीपुर से चलकर बरला होते हुए पूरे क्षेत्र में निकाली गई। यात्रा के अंत में, प्रभारी निरीक्षक सरिता सिंह को राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। हालांकि, इस दौरान किसी की भी नजर ट्रैक्टर पर उल्टा लगे झंडे पर नहीं पड़ी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
इस तरह का वीडियो मेरे संज्ञान में नहीं है। थानाध्यक्ष को वीडियो की सत्यता की जांच कर कार्यवाई के लिए कहा जाएगा।-नारायण सिंह, एसडीएम, अतरौली
कानूनन अपराध है राष्ट्रीय ध्वज का अपमान
भारतीय ध्वज संहिता और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के अनुसान, राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को उल्टा फहराना या पकड़ना कानूनन अपराध है। नियम है कि तिरंगे में हमेशा सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद अशोक चक्र के साथ और सबसे नीचे हरा रंग होना चाहिए।
भारतीय ध्वज संहिता और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के अनुसान, राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को उल्टा फहराना या पकड़ना कानूनन अपराध है। नियम है कि तिरंगे में हमेशा सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद अशोक चक्र के साथ और सबसे नीचे हरा रंग होना चाहिए।



