लोकसभा चुनाव पुनरीक्षण को लेकर एसडीएम ने ली बीएलओ सुपरवाइजर की बैठक

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एसडीएम श्रीमती लव गीत कौर की अध्यक्षता में तहसील सासनी के सभागार में लोकसभा सामान्य निर्वाचन की तैयारियों हेतु एवं विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम तथा निर्वाचन सम्बन्धी अन्य कार्यों हेतु सुपरवाइजर एवं बीएलओ की एक आवश्यक बैठक आहूत की गई।
गुरूवार को आहूत बैठक में एसडीएम श्रीमती लवगीत कौर ने सभी बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को नए वोटरों को मतदाता सूची में शामिल करने और उनके पहचान पत्र बनाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं सत्तर वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं के मोबाइल नंबर एवं सूची बनाने तथा मृतक व्यक्तियों शादी के बाद अपने ससुराल जा चुकी युवतियों का मतदाता सूची से नाम हटाने तथा त्रुटिपूर्ण नामों को हटाने वह संशोधन करने के निर्देशित किया। कार्यक्रम में जिसमें तहसीलदार श्रीमती कीर्ति चैधरी, नायब तहसीलदार लियाकत अली, एबीएसए अखिलेश प्रताप सिंह, वीआरसी सासनी शमीउज्जमा (टिंकू खान) आदि मौजूद रहे।

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Author: Sunil Kumar

SASNI, HATHRAS

सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।