पुलिस की पाठशाला में 38वीं बटालियन पीएसी के कमाडेंट राजेश द्विवेदी ने छात्र-छात्राओं को कानून का पाठ पढ़ाया। उन्होंने बताया कि सरकार ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कानूनों को और सख्त बनाया है, फास्ट ट्रैक कोर्ट, महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, त्वरित पुलिस कार्रवाई, जागरूकता अभियान और तकनीकी निगरानी जैसे कई कदम उठाए हैं।

अलीगढ़ में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को रामघाट रोड स्थित रघुबीर बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पुलिस की पाठशाला लगी। इसमें मुख्य अतिथि 38वीं बटालियन पीएसी के कमाडेंट राजेश द्विवेदी, स्कूल की प्रधानाचार्य नीतू गोयल, उप प्रधानाचार्य सतीश चंद, स्कूल कोऑर्डिनेटर देवेश कुमार सेंगर मौजूद रहे। संवाद
सवाल-जवाब
सवाल : इंजीनियरिंग में सफल कॅरिअर बनाने के लिए विद्यार्थियों को किस तरह की तैयारी करनी चाहिए?-वैष्णवी, छात्रा
जवाब: विद्यार्थियों को अपनी बुनियादी अवधारणाओं (बेसिक्स) को मजबूत करने के साथ-साथ नई तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रैक्टिकल स्किल्स और इंटर्नशिप पर ध्यान देना चाहिए। नियमित अभ्यास, समय प्रबंधन और नवाचार की सोच उन्हें बेहतर इंजीनियर बनाएगी।
सवाल : यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए आपका क्या मंत्र है?– दामिनी वर्मा, छात्रा
जवाब: सफलता का मूल मंत्र है। नियमित अध्ययन, सही रणनीति, एनसीईआरटी और मानक पुस्तकों का अध्ययन, समसामयिक घटनाओं पर पकड़, उत्तर लेखन का अभ्यास और आत्मविश्वास। धैर्य और निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण हैं।
सवाल : युवाओं को खुद को बेहतर और सफल बनाने के लिए किन बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए?-राघव, छात्र
जवाब : आत्मअनुशासन, सकारात्मक सोच, नई चीजें सीखने की आदत, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान तथा समय का सदुपयोग व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सवाल: महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने कौन-कौन से ठोस कदम उठाए हैं?– माधवी, छात्रा
जवाब : सरकार ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कानूनों को और सख्त बनाया है, फास्ट ट्रैक कोर्ट, महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, त्वरित पुलिस कार्रवाई, जागरूकता अभियान और तकनीकी निगरानी जैसे कई कदम उठाए हैं।
जानकारी के मंत्र से जागरुक बनें
- पुलिस सिर्फ खाकी वर्दी में नहीं है, बल्कि उन्हें मित्र भी समझें। खुले मन से अपनी बात बताएं। आपके नाम को गोपनीय रखा जाएगा।
- सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्ति को दोस्त न बनाएं। लिंक खोलने और निजी फोटो साझा करने से बचें।
- हेल्पलाइन नंबर 1090, 112, 181, 1930 को याद रखना छात्राओं के लिए जरूरी है। परेशानी आने पर इन नंबरों पर कॉल कर सकते हैं।
- किसी भी तरह की दिक्कत सामने आए तो अभिभावकों के साथ पुलिस को जरूर जानकारी देनी चाहिए।



