किसानों की मांग है कि बैंकों द्वारा जबरन लिए गए सभी खाली चेक तुरंत किसानों को वापस लौटाए जाएं। धोखाधड़ी करने वाले बैंक प्रबंधकों और कर्मचारियों पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

पंजाब सरकार और किसान नेताओं के बीच चंडीगढ़ में शुक्रवार देर रात तक चली उच्चस्तरीय बैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। इस बैठक में अधिकारियों ने स्वीकार किया कि लैंड मॉर्गेज बैंकों द्वारा किसानों के रजिस्ट्रेशन के साथ ब्लैंक चेक (खाली चेक) भी गिरवी के रूप में रखे गए हैं।
बैठक में किसानों ने विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां से मांग की कि बैंकों द्वारा जबरन लिए गए सभी खाली चेक तुरंत किसानों को वापस लौटाए जाएं। धोखाधड़ी करने वाले बैंक प्रबंधकों और कर्मचारियों पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा शंभू और खनौरी बॉर्डर पर हुए नुकसान का मुआवजा देने के साथ कर्ज निपटान के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू की जाए।



