UP: परिवार के वैभव का कत्ल, साइकिल लेकर निकला था मासूम, टीचर ने इसलिए अपहरण कर कारोबारी के बेटे को मार डाला

Picture of ILMA NEWSINDIA

ILMA NEWSINDIA

SHARE:

गोरखपुर के खजनी कस्बे के सराफा कारोबारी हनुमान वर्मा के 10 वर्षीय बेटे वैभव वर्मा के अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। सोमवार दोपहर स्कूल से लौटने के बाद साइकिल लेकर घर से निकला बालक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था।

Bullion trader son kidnapped and murdered in Gorakhpur body found in neighbor basement

गोरखपुर के खजनी कस्बे के प्रतिष्ठित सराफा कारोबारी लक्ष्मी नारायण वर्मा के बेटे हनुमान सदमे में हैं। पहले पत्नी की मौत ने उन्हें तोड़ दिया था अब बेटे वैभव के कत्ल से खुशियां तबाह हो गई हैं। वहीं दादा और दादी की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहा है। वे सबसे दुलारे पौत्र वैभव के जाने का गम भुला नहीं पा रहे हैं। जिस आंगन में कुछ दिन पहले बहू की चिता की राख ठंडी हुई थी, वहीं अब मासूम की अर्थी उठने से तीन पीढ़ियों का दर्द एक साथ छलक पड़ा।

परिवार के मुखिया लक्ष्मी नारायण वर्मा और उनकी पत्नी द्रौपदी देवी के लिए यह सदमा असहनीय है। लक्ष्मी नारायण के पांच बेटे और तीन बेटियां हैं। सबसे बड़े बेटे त्रिभुवन वर्मा भी खजनी में कारोबार करते हैं। दूसरे नंबर के बेटे हनुमान वर्मा और सबसे छोटे बेटे उमाशंकर खजनी में सराफा कारोबार संभालते है। जबकि तीसरे नंबर के बेटे द्वारिका वर्मा एम्स में डॉक्टर हैं। उनसे छोटे गौरीशंकर वर्मा की घंटाघर में दुकान है।

बड़ा संयुक्त परिवार होने के कारण घर में हमेशा चहल-पहल रहती थी लेकिन अब उसी घर में चीख पुकार मची हुई है। करीब एक महीने पहले हनुमान की पत्नी श्वेता के निधन के बाद पूरा परिवार उनके तीनों बच्चों को संभालने में जुटा था।

सबसे छोटा होने के कारण वैभव दादा-दादी की आंखों का तारा था। द्रौपदी उसे पलभर भी अपनी नजरों से दूर नहीं होने देती थीं। दादा लक्ष्मी नारायण अक्सर उसे दुकान तक साथ ले जाते थे। पिता हनुमान भी बेटे की मासूम मुस्कान में पत्नी के बिछड़ने का दर्द भुलाने का प्रयास कर रहे थे।

वैभव की खिलखिलाहट संयुक्त परिवार की थी पहचान
वैभव की खिलखिलाहट संयुक्त परिवार की पहचान थी। स्कूल से लौटकर वह कभी साइकिल चलाता, कभी अपने भाइयों और दोस्तों के साथ खेलता था। कभी दादा-दादी के कमरे में जाकर उनसे बातें करता तो उसकी शरारतों पर पूरा परिवार मुस्कुराता था। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि रोज की तरह खेलने के लिए निकला यह बच्चा फिर कभी घर नहीं लौटेगा।

रातभर हर दस्तक और हर फोन कॉल पर बंधती रही उम्मीदें
सोमवार शाम जैसे-जैसे बीतती गई, परिवार की बेचैनी बढ़ती गई। रातभर हर दस्तक और हर फोन कॉल पर उम्मीद बंधती रही कि शायद वैभव मिल जाएगा लेकिन मंगलवार को उसके नहीं रहने की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। दादा-दादी की चीखें सुनकर आसपास के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। पिता हनुमान के सामने एक महीने के भीतर पत्नी और बेटे दोनों को खोने का असहनीय दर्द था।

एक माह के भीतर उजड़ीं दो बार खुशियां
खजनी कस्बे के लोगों का कहना है कि वर्मा परिवार वर्षों से व्यापार और सामाजिक सरोकारों के लिए जाना जाता है। ऐसे परिवार पर लगातार दो बड़े वज्रपात ने पूरे कस्बे को गमगीन कर दिया। अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ सिर्फ एक मासूम को विदाई देने नहीं आई थी, बल्कि उस परिवार के दुख में सहभागी बनने पहुंची थी, जिसकी खुशियां एक महीने के भीतर दो बार उजड़ गईं। अब घर में वैभव की किताबें, साइकिल और खिलौने तो हैं लेकिन उन्हें संभालने वाली मासूम हमेशा के लिए खामोश हो चुका है।

मासूम की अपहरण के बाद हत्या
गोरखपुर के खजनी कस्बे के सराफा कारोबारी हनुमान वर्मा के 10 वर्षीय बेटे वैभव वर्मा के अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। सोमवार दोपहर स्कूल से लौटने के बाद साइकिल लेकर घर से निकला बालक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। करीब 24 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले आरोपी कंप्यूटर शिक्षक सर्वेश भट्ट को गिरफ्तार कर उसके घर के बेसमेंट से वैभव का शव बरामद किया। घटना के बाद लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने मुख्य मार्ग जाम कर खजनी थाने का घेराव किया और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के अनुसार, खजनी कस्बे के सराफा कारोबारी का सबसे छोटा बेटा वैभव सोमवार दोपहर करीब दो बजे स्कूल से घर लौटा था। उसने स्कूल बैग रखा, यूनिफॉर्म बदली और नई साइकिल लेकर घर से निकल गया। कुछ देर बाद उसकी साइकिल लावारिस हालत में मिली, जबकि पास के खेत में उसकी एक चप्पल बरामद हुई। इसके बाद परिजन ने पुलिस को सूचना दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।

सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर वैभव के पीछे पड़ोस में रहने वाला कंप्यूटर शिक्षक सर्वेश भट्ट जाता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस ने मंगलवार दोपहर सर्वेश के घर की तलाशी ली। इस दौरान उसके मकान के बेसमेंट से बालक का शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस हत्या के कारण और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

बच्चे का शव मिलने की सूचना फैलते ही खजनी कस्बे में भीड़ जुट गई। आक्रोशित व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने खजनी-सिकरीगंज और खजनी-मल्हनपार मार्ग जाम कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग खजनी थाने पहुंच गए और घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के एनकाउंटर, उसके मकान पर बुलडोजर चलाने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कठोर सजा दिलाने की मांग की।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, डीएम दीपक मीणा समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। भीड़ के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने आरोपी और उसके परिवार को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया। एहतियातन आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। देर तक चली बातचीत और अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।

करीब चार घंटे जाम रहा मुख्य मार्ग, डीएम-एसपी ने लोगों से की वार्ता
वैभव का शव बरामद होने के बाद खजनी कस्बे में लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजन और स्थानीय लोगों ने मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे खजनी-सिकरीगंज-बांसगांव मुख्य मार्ग जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सूचना मिलते ही डीएम, एसएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की।

इस दौरान खजनी थाने में बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंच गईं, जहां पुलिस से कहासुनी और हल्की झड़प की स्थिति बनी। अधिकारियों के आश्वासन और लगातार चली वार्ता के बाद शाम करीब 4:20 बजे जाम समाप्त हुआ और यातायात बहाल कराया गया। एहतियात के तौर पर पूरे कस्बे में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया है।

सीसीटीवी फुटेज की जांच में पड़ोस में रहने वाले सर्वेश भट्ट की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और उसकी निशानदेही पर उसके घर के बेसमेंट से बच्चे का शव बरामद किया गया।– डॉ. कौस्तुभ, एसएसपी

ILMA NEWSINDIA
Author: ILMA NEWSINDIA

सबसे ज्यादा पड़ गई
Suomalaisten pelaajien keskuudessa nettikasinoiden suosio on kasvanut huomattavasti, ja yhä useampi valitsee alustan juuri selkeiden käytäntöjen sekä läpinäkyvän toiminnan perusteella. Kasinopelaamiseen liittyy aina vastuullisuuden teema, joten on tärkeää tietää, miten operaattori käsittelee henkilötietoja, pelitilejä ja maksutapahtumia. Tässä yhteydessä Dudespin Tietosuojakaytanto -sivu tarjoaa selkeän kuvauksen tietojen keräämisestä, säilyttämisestä ja käyttäjän oikeuksista, mikä helpottaa luotettavan pelipaikan valinnassa. Hyvä nettikasino panostaa aina reiluun peliin, nopeisiin kotiutuksiin sekä monipuoliseen pelivalikoimaan, mutta yhtä tärkeää on toimiva asiakaspalvelu ja selkeät käyttöehdot. Uudet pelaajat arvostavat usein tervetuliaisbonuksia ja ilmaiskierroksia, joiden taustalla olevat säännöt kannattaa kuitenkin lukea huolellisesti ennen pelaamisen aloittamista.
Canadian players exploring dragon-themed slot lobbies often compare payout structures and bonus rounds across licensed operators, and Spin Dragons shows up frequently in those discussions because of its clear wagering terms and province-friendly banking options for regulated iGaming fans in 2026.
Danske spillere, der ønsker en moderne casinooplevelse med fokus på farverigt design og varierede spil, finder et stærkt bud på markedet hos LuckyNiki Danmark. Siden kombinerer klassiske bordspil, jackpots og live dealer-borde med en brugervenlig platform, og kundesupporten er tilgængelig på dansk hele døgnet. Derudover tilbyder operatøren løbende turneringer og loyalitetsfordele, som gør det værd at holde øje med de ugentlige tilbud.
Savvy slot enthusiasts in New Zealand tend to compare welcome packages, weekly reloads, and cashback rates before settling on a new casino lobby. Keeping tabs on the current Spinskull promo code can stretch a first deposit further, especially when combined with free spin drops on featured pokies. Responsible play still matters: set a session budget, verify the operator's licence, and review the bonus terms — including wagering multipliers, game contribution rates, and maximum withdrawal caps — before you commit a single cent.