आगरा स्थित सेना की कैंटीन ले जाने के बहाने फौजी ने कथित तौर पर पत्नी की कार में गला दबाकर हत्या कर दी और शव हजारा नहर में फेंक दिया। जलपाईगुड़ी से गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में हत्या स्वीकार करने का दावा किया है, जबकि शव की तलाश अभी जारी है।

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक फौजी ने अपनी पत्नी के बेरहमा से हत्या कर दी। वो आगरा स्थित कैंटीन ले जाने के बहाने पत्नी सोनी को कार से लाया था। हत्या करने के बाद शव नहर में फेंक दिया। वारदात के बाद आरोपी फौजी रमाकांत ड्यूटी पर जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) लौट गया। कार के अंदर से सोनी के टूटी हुईं चूड़ियां पुलिस को मिली हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा कि सोनी का जब आरोपी ने गला दबाया, तो उसने खुद को बचाना का प्रयास किया, लेकिन वो बच नहीं सकी। उधर पुलिस आरोपी पति को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर ले आई है। आरोपी की निशानदेही पर शव की तलाश की जा रही है।
फौजी रमाकांत की पत्नी सोनी बच्चों के साथ एटा के कोतवाली सिटी क्षेत्र में किराए के मकान में रहती थी। उसका मायका मैनपुरी में है। छह जुलाई को रमाकांत पत्नी सोनी को आगरा स्थित सेना की कैंटीन से सामान दिलाने के बहाने ले गया था। उसके साथ गांव निवासी अजय भी था। इसके बाद सोनी घर नहीं लौटी तो उसकी मां सरोज देवी ने बेटी की हत्या की आशंका जताते हुए पति और उसके परिजन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
एएसपी श्वेताभ पांडेय ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी रमाकांत ने अपने दोस्त के साथ मिलकर पत्नी की हत्या कर शव को आगरा रोड स्थित हजारा नहर में फेंक दिया। वारदात के बाद वह दो-तीन दिन तक इधर-उधर घूमता रहा और फिर ड्यूटी पर जलपाईगुड़ी लौट गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी कराया और सेना के अधिकारियों को पत्र भेजा। इसके बाद कोतवाली नगर पुलिस की टीम जलपाईगुड़ी के माल बाजार पहुंची और सेना के सहयोग से आरोपी को उसकी तैनाती स्थल से गिरफ्तार कर लिया और वहां से एटा लेकर आई।
एएसपी के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार कर ली है, लेकिन अब तक पत्नी का शव बरामद नहीं हुआ है। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। 6 जुलाई को विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पत्नी की हत्या की साजिश रची और बहाने से अपने दोस्त के साथ उसे कार में बैठाकर घर से निकला।
रास्ते में पहले पत्नी के साथ मारपीट की फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को आगरा रोड स्थित हजारा नहर में ले जाकर फेंक दिया। घटना के बाद आरोपी पहले बचने के लिए पठानकोट गया। बाद में पश्चिम बंगाल पहुंचकर ड्यूटी ज्वाइन कर ली। पुलिस जांच के दौरान कार से सोनी की टूटी हुईं चूड़ियां भी बरामद हुई हैं।
कार के अंदर मिलीं सोनी की टूटी हुई चूड़ियां इस बात की ओर इशारा करती हैं कि हत्या से पहले उसने खुद को बचाने की पूरी कोशिश की थी। पुलिस का मानना है कि गला दबाए जाने के दौरान हुए संघर्ष में उसकी चूड़ियां टूटीं। अब ये चूड़ियां मामले का अहम साक्ष्य मानी जा रही हैं, जबकि पुलिस नहर में शव की तलाश जारी रखे हुए है।