अठैसा प्रीतमपुर गांव में एक वृद्ध की हत्या का मामला सामने आया है। कमरे से आ रही दुर्गंध से घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने शव बरामद कर जांच शुरू कर दी है।
महेशगंज के अठैसा प्रीतमपुर गांव में वृद्ध की हत्या का राज कमरे में उठ रही दुर्गंध से खुला। साढ़े तीन फीट गड्ढे में दफन शव जब निकाला गया तो उसे देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। वृद्ध के पैर को तोड़कर उसके कंधे तक ले जाया गया था। इसके बाद उन्हें दफनाया गया था। दुर्गंध इतनी अधिक थी कि कमरे में टिक पाना मुश्किल था।
बुधवार को पड़ोसियों की सूचना पर घर पहुंचे बेटे संतोष व अजय ने पुलिस को बताया कि हफ्तेभर से पिता और भाई लापता थे। इसकी जानकारी पड़ोसियों ने दी। वह बुधवार को गांव पहुंचे और थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
बृहस्पतिवार सुबह घर गए तो वहां बदबू से खड़ा होना मुश्किल हो गया। पुलिस को सूचना दी। सीओ समेत अन्य पुलिसकर्मी गमछे से मुंह ढककर घर में दाखिल हुए। वहीं, ग्रामीणों में चर्चा है कि जब तक आरोपी को पकड़ा नहीं जाता है। हत्या का खुलासा नहीं हो सकता है।
हाल ही में प्रयागराज और अंबेडकर नगर में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें जिस पर हत्या का आरोप लगा, अगले दिन उसका शव मिला। इस वजह से आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही हत्या की वजह साफ हो सकेगी।
हत्या अकेले के बस की बात नहीं
ग्रामीणों में चर्चा है कि जिस तरह घटना को अंजाम दिया गया है, यह अकेले के बस की बात नहीं। इसमें किसी और के शामिल होने की भी आशंका जताई जा रही है।
हत्या की वजह पैसा और जमीन
वृद्ध किसान की हत्या को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चा रही। जमीन और पैसा हत्या की वजह मानी जा रही है। हालांकि पुलिस की जांच में हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। बेटे अजय और संतोष ने आरोप लगाया कि विजय ने पैसों और खेत के लिए पिता की हत्या कर दी। इसके बाद शव को दफन करके घर से भाग गया।
एक साल पहले घर आया है विजय ग्रामीणों के मुताबिक विजय भी बाहर में रहता था। एक वर्ष पहले वह गांव आ गया था। इसके बाद उसने गांव में ही पान और चाय की गुमटी खोली थी।
विजय ने पिता के साथ दो बार की थी मारपीट
भाई ने बताया कि विजय जमीन के विवाद में पहले भी दो बार पिता को पीट चुका था। उस दौरान भी उनके सिर में गंभीर चोटें आ गई थीं। जगदीश गांव में स्थित शिव मंदिर पर रहते थे और गांव के लोग उन्हें खाना खिलाते थे।
जब्त किया फावड़ा
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने जगदीश प्रसाद द्विवेदी की हत्या के आरोपी बेटे की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने मौके पर मिले फावड़े को जब्त कर लिया है। आरोपी को बक्शा नहीं जाएगा।
घर के आखिरी कमरे में मिला शव
जगदीश का शव घर के आखिरी कमरे में मिला। ऊपरी मंजिल के दो कमरों में ताला बंद था। क्षेत्राधिकारी सदर मनोज रघुवंशी ने ताला तोड़वाकर कमरों की तलाशी ली।
यह है मामला
महेशगंज के अठैसा प्रीतमपुर गांव में डेढ़ बीघे जमीन के विवाद में बेटे विजय ने पिता जगदीश प्रसाद द्विवेदी (70) की हत्या कर दी। आरोपी ने शव को घर के कमरे में दफना दिया। सप्ताह भर से लापता बुजुर्ग का शव बृहस्पतिवार को जमीन खोदकर निकाला गया। सड़ चुके शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
किसान जगदीश प्रसाद ने दो शादियां की थीं। दोनों पत्नियों का निधन हो चुका है। दोनों से उनके तीन बेटे हैं। पहली पत्नी से बेटा संतोष (40) दिल्ली में नौकरी करता है। दूसरी पत्नी से बेटे अजय (38) और विजय (34) हैं। अजय गुरुग्राम में की किसी कंपनी में नौकरी करता है। विजय गांव के पास ही चाय-नाश्ते की गुमटी चलाता है। वह नशे का आदी है। दो माह पहले उसने पत्नी को मारपीट कर घर से निकाल दिया था। ग्रामीणों के अनुसार, विजय दो बार पहले भी अपने पिता पर हमला कर चुका है।
पिछले एक सप्ताह से बाप-बेटे घर से लापता थे। घर में ताला लटका था। बेटे संतोष और अजय को सूचना मिली तो वे बुधवार को गांव पहुंचे। खोजबीन करने के बाद पिता का पता न चलने पर संतोष ने महेशगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। संतोष ने विजय की पत्नी को फोन से बुलवाया। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे ताला तोड़कर वह घर के अंदर गए तो दुर्गंध आई। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं।