UP: कशिश का आज जन्मदिन, एक दिन पहले साथी छात्र ने मार डाला, सीटी स्कैन रूम में 10 मिनट में कत्ल; पूरी टाइमलाइन

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पीलीभीत के जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की दिनदहाड़े हत्या हो गई। अस्पताल में 80 सुरक्षाकर्मी और 88 सीसीटीवी कैमरों के बावजूद सुरक्षा फेल हो गई। आरोपी ने 10 मिनट में ही पूरी घटना को अंजाम दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

Pilibhit Murder fellow student killed Kashish murdered in CT scan room within 10 minutes full timeline

पीलीभीत के जिला अस्पताल के सीटी स्कैन कक्ष में पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल की हत्या की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल में 80 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और परिसर की निगरानी के लिए 88 सीसी कैमरे भी लगे हैं। इसके बावजूद आरोपी चाकू लेकर अस्पताल में दाखिल हुआ, दो बार सीटी स्कैन कक्ष तक पहुंचा और वारदात को अंजाम देने के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था की नींद टूटी।

जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मुख्य प्रवेश द्वार, इमरजेंसी वार्ड, पर्चा काउंटर, दवा वितरण केंद्र, चिकित्सकों के कक्ष और सीटी स्कैन सहित विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर 80 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। कागजों पर यह व्यवस्था मजबूत दिखाई देती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आती है। 

अस्पताल में पर्चा और दवा काउंटर पर मरीजों की सबसे अधिक भीड़ रहती है, लेकिन यहां अक्सर केवल एक-एक सुरक्षाकर्मी ही व्यवस्था संभालते दिखाई देते हैं। अन्य सुरक्षाकर्मी परिसर में इधर-उधर घूमते नजर आते हैं। वहीं इमरजेंसी वार्ड के भीतर और बाहर अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जिनका अधिकांश समय मरीजों और तीमारदारों को गेट से हटाने में ही गुजरता है।

अस्पताल परिसर में पहले भी सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियां सामने आ चुकी हैं। यहां बाइक चोरी, मारपीट और नवजात के शव को कुत्ते द्वारा उठा ले जाने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि अब तक इस तरह की कोई बड़ी आपराधिक वारदात नहीं हुई थी। मंगलवार को सीटी स्कैन कक्ष में हुई हत्या की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया।

पुरुष और महिला अस्पताल परिसर को मिलाकर करीब 88 सीसी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें वर्तमान में करीब सात कैमरे खराब बताए जा रहे हैं। कैमरों की निगरानी के लिए अलग कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां दो सुपरवाइजरों की 24 घंटे ड्यूटी रहती है।

इसके बावजूद आरोपी की संदिग्ध गतिविधियां किसी की नजर में नहीं आ सकीं। घटना के दौरान न तो किसी सुरक्षाकर्मी ने उसकी गतिविधियों पर संदेह जताया और न ही समय रहते उसे रोका जा सका।

10 मिनट में ही घटना को दे दिया अंजाम

समय घटना विवरण
8:24 आरोपी छात्र सीटी स्कैन कक्ष में आकर लौटा।
8:25 आरोपी छात्र एक्सरे कक्ष की ओर गया।
8:27 कक्ष में रखे बैग से चाकू को एप्रन में छिपाया।
8:34 आरोपी स्कैन कक्ष में पहुंचा और छात्रा पर हमलावर हो गया।
8:36 सुरक्षाकर्मी ने आरोपी को कक्ष से दबोच लिया।
8:40 छात्रा को घायल अवस्था में इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया।
8:42 इमरजेंसी के ओटी में घायल छात्रा का उपचार शुरू किया गया।
9:40 एसपी और एएसपी अस्पताल पहुंचे।
10:13 एंबुलेंस से बरेली रेफर किया गया। इसके बाद कशिश की मौत हो गई।

 

कशिश का आज जन्मदिन, हमेशा परिवार के लिए रहेगा घाव
कशिश के परिवार की दुनिया उजड़ गई है। 15 जुलाई को उनकी बेटी का जन्मदिन है। इससे ठीक एक दिन पहले ही उनकी लाडली की हत्या कर दी गई। रोहिताश की बेटी कशिश अपने जन्मदिन को लेकर काफी खुश थी। उसकी हत्या के बाद परिवार बिखर गया है। कशिश पटेल आज 20 वर्ष पूरा करके 21वें वर्ष में प्रवेश कर रही थीं। 24 घंटे पहले हुई वारदात ने सब कुछ उजाड़ दिया।

छात्रा का हुआ अंतिम संस्कार
पैरामेडिकल छात्रा की चाकू से प्रहार कर हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को घटना के बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। शाम को मृतक छात्रा के पिता रोहताश की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी छात्र सागर सिंह निवासी ग्राम मडेवा, थाना अरौल, जनपद कानपुर नगर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया है। वहीं मृतका के शव का पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।

होनहार थी मेरी बेटी, स्टीयरिंग पर दिन-रात काटकर पढ़ाया
पीलीभीत में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही जिस छात्रा कशिश की चाकू गोदकर हत्या की गई, वह बरेली के भुता थाने के केसरपुर गांव की निवासी थी। घटना के बाद परिजन स्तब्ध थे। पोस्टमाॅर्टम हाउस पर पिता रोहिताश पटेल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बेटी की हत्या का अफसोस जताया।

कहा कि बेटी होनहार थी तो उसे महंगी पढ़ाई करा रहे थे। आरोपी ने क्यों उसकी हत्या कर दी, ये हम लोग नहीं जानते। ड्राइवर पिता रोहताश ने बताया कि वह प्राइवेट वाहनों पर ड्राइविंग करके परिवार पाल रहे हैं। आठ बीघा खेती है।

बेटी कशिश ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 80 फीसदी अंक हासिल किए थे। इसलिए उसे आगे पढ़ाने के लिए उन्होंने जीतोड़ मेहनत की। खुद रात दिन स्टीयरिंग पर काटा लेकिन रुपये जुटाए और बेटी का सरकारी कॉलेज में नंबर आने पर सीटी स्कैन कोर्स करा रहे थे।

उनका बेटा रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से बीफार्मा कर रहा है। रोहताश व उनकी पत्नी गिरिजा देवी बेटी को चिकित्सा क्षेत्र में स्थापित करने में दिन-रात लगे थे। उसका एडमिशन पीलीभीत में कराया था।

बताया कि उन्हें घटना की सही वजह नहीं पता, लेकिन ये बताया गया कि उसका वहां किसी युवक से कशिश का विवाद हो गया। इसी विवाद के चलते मंगलवार सुबह युवक ने कशिश पर चाकू से हमला कर दिया।

दो घंटे तक मचा रहा हड़कंप, सहमे लोग
कशिश के शरीर से निकल रहे खून का फव्वारा देख मरीज व मौजूद अन्य लोग सहम गए। दो घंटे तक अस्पताल परिसर में हड़कंप मचा रहा। घटनास्थल वाले कक्ष से लेकर इमरजेंसी तक सुरक्षा कर्मियों और पुलिस बल का पहरा रहा। करीब दो घंटे तक ओपीडी प्रभावित रही। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार को रोजाना की तरह सुबह आठ बजे जिला अस्पताल की ओपीडी शुरू हुई।

पर्चा काउंटर से लेकर चिकित्सक, सीटी स्कैन, एक्सरे समेत अन्य कक्ष में स्टाफ ड्यूटी पर पहुंचा। व्यवस्थाएं सामान्य चल रहीं थी कि कुछ ही देर बाद भगदड़ की स्थिति बन गई। सीटी स्कैन कक्ष से आई तेज आवाज को सुनकर सुरक्षा कर्मी वहां दौड़े तो खून से लथपथ पैरामेडिकल छात्रा कशिश और एक अन्य महिला कर्मी को देख वह भी सन्न रह गए।

हाथ में चाकू पकड़े आरोपी छात्र को दबोचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गले में लगे चाकू से खून का फव्वारा निकल रहा था। जिसे देख हर कोई सहम गया। छात्रा को इमरजेंसी ले जाया गया। घटना की जानकारी होते ही अस्पताल के अन्य सुरक्षाकर्मी भी एकत्र हो गए।

सुरक्षा को लेकर जिला अस्पताल में लगभग 80 कैमरे लगाए गए है। सभी संचालित है व 24 घंटे कंट्रोल रूम से दो कर्मी निगरानी करते है। लगभग 80 सुरक्षाकर्मी भी ड्यूटी पर दिन रात रहते हैं। फिर भी घटना के बाद निगरानी बढ़ाई जाएगी। डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज

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Author: ILMA NEWSINDIA

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