रावी दरिया के बीच पिकनिक मना रहे लोग, कभी भी बढ़ सकता है जलस्तर; सिंचाई विभाग ने मांगी फोर्स

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अगस्त 2025 में रंजीत सागर डैम से लाखों क्यूसेक पानी एकदम रावी दरिया में छोड़ दिया गया था। जिस वजह से रावी दरिया के पानी से भीषण तबाही हुई थी। माधोपुर, सुजानपुर, बॉर्डर क्षेत्र कोलियां अड्डा, कथलौर क्षेत्र बाढ़ की वजह से बहुत ज्यादा प्रभावित हुए थे।

People picnicking in middle of Ravi River in Pathankot water levels could rise at any moment.

लोग बच्चों सहित रावी दरिया के बीचों बीच पत्थरों पर टेंट लगाकर नहाते और मौज मस्ती करते दिखे। बड़ी संख्या में लोग गाडियों में रोजाना रावी दरिया के बीच पहुंच रहे है और युवा वहां बीयर सहित अन्य खाने-पीने वाली वस्तुओं को ले जाकर मजे कर रहे हैं।

गाड़ियां रावी दरिया से पहले ही खुले स्थान पर पार्क करके लोग बीच दरिया पहुंच रहे है। समय रहते जिला प्रशासन भी ऐसे हादसों वाले स्थानों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।

रावी दरिया में कभी भी बढ़ सकता है जलस्तर
अगस्त 2025 में रंजीत सागर डैम से लाखों क्यूसेक पानी एकदम रावी दरिया में छोड़ दिया गया था। जिस वजह से रावी दरिया के पानी से भीषण तबाही हुई थी। माधोपुर, सुजानपुर, बॉर्डर क्षेत्र कोलियां अड्डा, कथलौर क्षेत्र बाढ़ की वजह से बहुत ज्यादा प्रभावित हुए थे। अब बरसात का सीजन शुरू हो चुका है और कभी भी डैम से रावी दरिया में पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ सकता है।
एकदम जलस्तर बढ़ने से खुद को नहीं बचा पाएंगे लोग
डैम से रोजाना 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। अगर रावी दरिया में डैम से एकदम पानी छोड़ा जाता है तो दरिया का जलस्तर बढ़ जाएगा। लोगों को वहां से अपनी जान बचाना भी मुश्किल हो जाएगा क्योंकि रावी दरिया में जहां तक लोग जाकर नहा रहे है या फिर मौज मस्ती कर रहे हैं वहां पत्थर ही पत्थर है। पत्थरों पर भागना तो दूर व्यक्ति का चलना भी मुश्किल होता है। सड़क से करीब आधा किलोमीटर नीचे दरिया तक लोग बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं।

जिला प्रशासन नहीं कर पाया स्थिति कंट्रोल, इसलिए पीएपी से मांगी फोर्स
सिंचाई विभाग के एसडीओ राजीव कुमार ने कहा कि उनके ध्यान में भी है कि लोग रावी दरिया के बीचो बीच बच्चों सहित पहुंच जान जोखिम में डाल मौज मस्ती करते हैं। इसके लिए उन्होंने लोकल पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के लिए कहा लेकिन, उनके कहे मुताबिक पीएपी जालंधर को एक पत्र लिख फोर्स की मांग की गई ताकि जानलेवा हालात बनने से पहले रोक लगाई जा सके। फोर्स को पहुंचने में करीब एक सप्ताह लगेगा।
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Author: Farheen

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