गांव भोजगढ़ी में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में कथा के सातवें दिन श्रद्धा और आस्था व्यास आचार्य पंडित मुकेश शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण एवं विस्तारपूर्वक वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथा के दौरान आचार्य ने पूतना उद्धार का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि राक्षसी पूतना ने बालक कृष्ण को विषपान कराने का प्रयास किया, लेकिन भगवान ने उसका उद्धार कर उसे मोक्ष प्रदान किया। तृणावर्त वध प्रसंग में उन्होंने बताया कि किस प्रकार बवंडर रूपी असुर का अंत कर भगवान ने अपनी शक्ति का परिचय दिया। उन्होंने माखन चोरी की लीलाओं का भी वर्णन किया। 
ब्रह्मा जी और श्रीकृष्ण संवाद तथा ब्रह्मा द्वारा ग्वाल-बाल और गायों का हरण प्रसंग में आचार्य ने समझाया कि स्वयं ब्रह्मा भी भगवान की माया को नहीं समझ सके और अंततः उन्होंने श्रीकृष्ण की महिमा को स्वीकार किया। कालिया नाग मर्दन में भगवान ने विषैले नाग के अहंकार का नाश कर यमुना को विषमुक्त किया। इंद्र के मान मर्दन और गोवर्धन पूजा के प्रसंग में भगवान ने अहंकार को त्याग कर प्रकृति और गौ सेवा के महत्व का संदेश दिया। आचार्य ने कहा कि श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला मानव जीवन को धर्म, प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर आचार्य लोकेश शर्मा, परीक्षित आनंद शर्मा, शालिनी शर्मा, अरुण शर्मा, माया शर्मा, बबलू शर्मा, कुशमा शर्मा, शशिवाला शर्मा, दिव्यांशी शर्मा, दुर्गा शर्मा, अभिषेक शर्मा, शिव कुमार शर्मा, कौशल शर्मा, मोनी शर्मा एवं भुवनेश कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में भोजगढ़ी पथवारी मंदिर कमेटी द्वारा कथा व्यास पंडित मुकेश शास्त्री, आचार्य लोकेश कुमार शर्मा एवं अन्य परीक्षितों का पटका पहनाकर एवं स्मृति चित्र भेंट कर सम्मान किया गया।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS
