याचिका में संदीप पाठक ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों और संभावित कार्रवाई को चुनौती देते हुए अदालत से संरक्षण की मांग की है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की थी, जिसे अब 17 अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया है।

आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए सांसद संदीप पाठक की दो माह से लंबित याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान भी पंजाब सरकार उनके खिलाफ दर्ज मामलों का पूरा ब्योरा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष पेश नहीं कर सकी।
याचिका में संदीप पाठक ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों और संभावित कार्रवाई को चुनौती देते हुए अदालत से संरक्षण की मांग की है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की थी, जिसे अब 17 अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया है। अगली सुनवाई तक पंजाब सरकार को अदालत के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि संदीप पाठक के खिलाफ राज्य में कुल कितनी एफआईआर दर्ज हैं और वे किन-किन स्थानों पर दर्ज हैं। इसके बाद ही मामले में आगे की सुनवाई और राहत पर विचार किया जाएगा।
चार सुनवाई, चार बार मोहलत
संदीप पाठक ने 6 मई को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर पहली सुनवाई 8 मई को हुई। उस दिन सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा तो अदालत ने 11 मई की तारीख देते हुए पाठक को अंतरिम राहत प्रदान कर दी। 11 मई को भी सरकार ने अतिरिक्त समय मांगा, जिसके बाद सुनवाई 15 मई तक स्थगित कर दी गई और राहत जारी रखी गई।
