टिन्नू ने धोखा देकर सपा नेता को सूचना दी’: चंदा चोरी मामले में चंपत राय का छलका दर्द, कहा- मेरी भूमिका नहीं

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Ram Temple offerings stolen: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर लंबी चुप्पी के बाद चंपत राय ने अपनी बात पुलिस को कही। उन्होंने खुद को इस चोरी से दूर बताया।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी में चंपत राय का पहला बयान- जिम्मेदारी स्वीकार,  हेराफेरी में भूमिका से इनकार | Champat Rai to Ayodhya police I had no role  in Ram Mandir Donation theft

पुलिस ने जब चंपत राय से पूछताछ की तो उन्होंने कहा कि उनकी चढ़ावा चोरी में कोई भूमिका नहीं है। इसकी जानकारी मिलते ही वह सक्रिय हो गए और संदिग्धों को पकड़ा। साथ ही एफआईआर भी कराई.। उन्होंने स्वीकार किया, कोई हेरफेर न हो, इसकी जिम्मेदारी उनकी थी। टिन्नू यादव बहुत पहले से जुड़ा था, उसने गलत किया, इसकी उम्मीद नहीं थी। वहीं उन्होंने एक सपा नेता का भी मामले में जिक्र किया है।

एक नेशनल न्यूज़ चैनल के मुताबिक पुलिस ने पूछा-रिश्तेदार या जानने वालों को काम पर किस तरह रखा गया? चंपत राय ने कहा, जरूरतमंदों को काम दिया। इसमें केवल मैं ही नहीं, ट्रस्ट के अन्य सदस्यों की भी भूमिका रही।उन्होंने कहा टिन्नू ने एक सपा नेता को मामले की जानकारी दी थी, तभी से मामले ने तूल पकड़ा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि वह चोरी पकड़ने के बाद एफआईआर दर्ज करवाने गए थे लेकिन फिर दर्ज नहीं करवाई थी। इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं बताई।

कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाऊंगा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, एकांतवास में रह रहे चंपत राय ने अपने कुछ करीबियों से बातचीत में कहा कि अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो गई है और वह कलंक लेकर नहीं जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके भरोसे के साथ विश्वासघात हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी जांच के दौरान चंपत राय राम मंदिर परिसर स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन के ऊपरी हिस्से में ही रह रहे हैं। जब से जांच शुरू हुई है तब से वह यहीं पर हैं। चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद से चंपत लगातार सवालों के घेरे में रहे हैं। मामले की जांच जारी रहने के बीच उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा भी दे दिया है। तब से उनका कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि उन्होंने करीबियों से चोरी प्रकरण में कई बातें कही हैं। जिसमें ये भी कहा कि उनकी इसमें भूमिका नहीं रही। जिस दिन पता चला कि ऐसा हो रहा है तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।

आरोपी अविनाश की 48 घंटे की कस्टडी मांग, कल कोर्ट करेगा फैसला

 राम मंदिर में चढ़ावा धनराशि चोरी मामले में जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला को 48 घंटे की कस्टडी में लेकर पूछताछ करने के लिए पुलिस ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) की अदालत में दायर रिमांड अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी, जहां कोर्ट इस पर फैसला करेगा।

मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से दायर प्रार्थना पत्र को विशेष अभियोजन अधिकारी संजय दूबे ने विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा की अदालत में प्रस्तुत किया। पुलिस ने रिमांड अर्जी में कहा है कि मामले के महत्वपूर्ण तथ्यों और अन्य कड़ियों का पता लगाने के लिए आरोपी से 48 घंटे की पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ आवश्यक है।

बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए आरोपी अविनाश शुक्ला ने अदालत को बताया कि उसकी ओर से कोई अधिवक्ता नहीं है। उसने अपना पक्ष रखने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर अदालत ने प्राधिकरण के सचिव को अधिवक्ता नियुक्त करने का निर्देश दिया और रिमांड अर्जी पर सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार की तारीख तय कर दी।

अब नजर अदालत के फैसले पर है। यदि पुलिस रिमांड मंजूर होती है तो जांच एजेंसी आरोपी से आमने-सामने पूछताछ कर चोरी की धनराशि, उसके इस्तेमाल और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। इसके बाद कुछ अन्य बरामदगी भी हो सकती है। वहीं, चोरी में शामिल अन्य नए चेहरों से भी पर्दा उठ सकता है।

चढ़ावा चोरी मामले में अधिवक्ता संघ कल देगा तहरीर

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में फैजाबाद बार एसोसिएशन की ओर से बृहस्पतिवार को आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी जाएगी। देर शाम अधिवक्ता संघ अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा की घोषणा के अनुसार सभी अधिवक्ता अपने ड्रेस में दोपहर 12 बजे थाना रामजन्मभूमि पहुंचेंगे।

इससे पहले अधिवक्ता संघ की सुबह हुई बैठक में चढ़ावा चोरी के आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए चर्चा की गई। खचाखच भरे अधिवक्ता संघ सभागार में मौजूद सभी वकीलों ने आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए नए तथ्यों के साथ संघ की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने पर सहमति जताई। पूर्व अध्यक्ष अरविंद सिंह, संजीव दूबे आदि ने नए तरीके से सबूत व तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। अधिवक्ताओं ने कहा कि राम मंदिर की लड़ाई में हम सभी का योगदान रहा है तो अब अपने मान-सम्मान के लिए आगे भी लड़ाई के लिए तैयार हैं। अध्यक्ष ने बताया कि अधिवक्ता संघ के मंत्री की ओर से तहरीर दी जाएगी।

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Author: ILMA NEWSINDIA