पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के लिए लाया गया था। ऑपरेशन के बाद लज्जावती का पेट फूल गया। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही। इसके बावजूद अस्पताल संचालक ने उन्हें कहीं और रेफर नहीं किया। हालत अधिक खराब होने पर परिजन उन्हें जबरन अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां लज्जावती की मौत हो गई।

अतरौली के रामघाट सड़क स्थित एक निजी अस्पताल में पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के बाद 36 वर्षीय महिला की मृत्यु हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने समय पर मरीज को रेफर न करने की भी शिकायत की।
गांव जखेरा निवासी राजू की पत्नी लज्जावती को 15 दिन पहले इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के लिए लाया गया था। परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद लज्जावती का पेट फूल गया। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही। इसके बावजूद अस्पताल संचालक ने उन्हें कहीं और रेफर नहीं किया। हालत अधिक खराब होने पर परिजन उन्हें जबरन अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान बुधवार सुबह करीब चार बजे लज्जावती की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही गुस्साए परिजन शव लेकर अतरौली के उसी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां जमकर हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस का हस्तक्षेप
अस्पताल में हंगामे की सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। उन्होंने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने मृतका के शव का पंचनामा भरा। शव को आगे की जांच के लिए पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया है।
कार्रवाई की मांग
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में कोतवाल राजीव कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।