OP Rajbhar: मप्र की जमीन खरीद विवाद में मुख्यमंत्री मोहन यादव का नाम सामने आया है। इस पर अखिलेश यादव ने उनका बचाव किया था। अब इस पर ओपी राजभर ने प्रतिक्रिया दी है।

मप्र जमीन खरीद विवाद पर मोहन यादव का नाम आने के बाद अखिलेश यादव ने उनका बचाव किया था। अब इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। यूपी कैबिनेट में मंत्री ओपी राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अखिलेश पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जानिए क्या लिखा है उन्होंने
अब बताता हूं, आपकी पीड़ा क्या है? आप क्यों घबरा गए! कैसे आपके निवेश पर चोट पहुंच गई और क्यों आप बौखला गए?
तो पढ़िए!
अखिलेश जी! एमपी कैडर के आईएएस भरत यादव जो राज्य सड़क विकास निगम के चेयरमैन हैं, उनसे आपने अपना रिश्ता छिपा लिया। अखिलेश जी भरत यादव आपके “कुबेर” चंद्रपाल यादव के दामाद हैं। चंद्रपाल यादव सपा के कद्दावर नेता और पार्टी कोषाध्यक्ष रहे हैं। उम्मीद है कि आपको याद आ गया होगा।
अखिलेश यादव जी, माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी के नाम पर हुए एक फर्जी खुलासे से आप डर गए? मध्य प्रदेश में हाईवे का रास्ता कहां से जाएगा- यह भरत यादव तय करते हैं या उन्हें इस बात की जानकारी होती है। जो आपके हैं, अपने हैं, खास हैं।
इस मामले में अखिलेश जी आपकी तिलमिलाहट बता रही है कि भरत यादव ने आपसे और अपने लोगों से वहां की जमीनों में भारी निवेश करवाया है। और जमीन ‘खाने’ के मामले में सैफई परिवार बहुत अनुभवी है। इसे पूरा उत्तर प्रदेश जानता है।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे में सैफई परिवार ने यही किया था। फिरोजाबाद से इटावा तक जमीनें खरीदी गईं और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के रूट को मनमाने तरीके से मोड़ा गया।
निजी फायदे के लिए सैफई तक अनावश्यक रूप से रूट का मार्ग घुमाकर एक्सप्रेसवे की दूरी 30 किमी और ज्यादा बढ़ा दी गई। औने-पौने दाम में जमीनों को खरीदकर भारी भरकम मुआवजा वसूला गया।
सपाई लोडरों!
गोमती रिवर फ्रंट की रिपोर्ट जारी करने के बाद अखिलेश को डर बैठ गया है कि कहीं मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे रिपोर्ट जारी न हो जाए, जिससे उनका निवेश डूब जाए।
जांच एजेंसियों को पता लगाना चाहिए कि मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश के कौन-कौन से सफेदपोश निवेशक शामिल हैं।
इस पूरे विवाद को साजिश बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मोहन यादव को बदनाम करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने साजिश रची है, उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या बीजेपी को पता नहीं था कि मोहन यादव रियल इस्टेट का काम करते थे।
बकौल अखिलेश यादव, ये आरोप इसलिए लग रहा है कि भाजपा रास्ता ढूंढ रही है कि तीन मुख्यमंत्री कैसे बदलें। वे मुख्यमंत्री बदलना चाहते हैं इसलिए आरोप लगवा रहे हैं, इन्हें मध्य-प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्री को हटाना है। इन दो को इसलिए हटा रहे हैं कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को हटाना है।
