गंगा दशहरा के दिन गंगाजी भगवान भोलेनाथ की जटा से निकलकर धरती पर अवतरित हुई थीं। इसको लेकर यह पर्व काफी उल्लास के साथ मनाया जाता है। गंगा दशहरा पर गंगा स्नान के साथ ही दान पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है।

गंगा दशहरा पर्व आज व निर्जला एकादशी पर्व कल पूरे धार्मिक उल्लास एवं पारंपरिक तरीके से मनाया जाएगा। श्रद्धालु नरौरा, रामघाट, राजघाट और सांकरा घाट पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाएंगे और दान पुण्य करेंगे। इसके लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंगलवार रात में ही गंगा तटों पर रवाना हो गए। बुधवार को शहर भर में शर्बत, प्रसाद वितरण के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। परंपरा के अनुसार बड़ी संख्या में लोग पतंगबाजी भी करेंगे।
गंगा स्नान संग दान पुण्य का विशेष महत्व
ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के अनुसार गंगा दशहरा के दिन गंगाजी भगवान भोलेनाथ की जटा से निकलकर धरती पर अवतरित हुई थीं। इसको लेकर यह पर्व काफी उल्लास के साथ मनाया जाता है। गंगा दशहरा पर गंगा स्नान के साथ ही दान पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है।
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा कड़ी, जीआरपी-आरपीएफ ने संभाला मोर्चा
गंगा दशहरा पर्व के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है। आरपीएफ व जीआरपी ने मिलकर इसको लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आरपीएफ के पोस्ट कमांडर अनिल तिवारी व जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि संयुक्त रूप से जवान स्टेशन परिसर में लगातार गश्त कर रहे हैं। महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष महिला पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर तैनात की गई हैं। प्लेटफार्मों पर भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
गंगा दशहरा पर्व के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है। आरपीएफ व जीआरपी ने मिलकर इसको लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आरपीएफ के पोस्ट कमांडर अनिल तिवारी व जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि संयुक्त रूप से जवान स्टेशन परिसर में लगातार गश्त कर रहे हैं। महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष महिला पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर तैनात की गई हैं। प्लेटफार्मों पर भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।