
पुलिस को सूचना मिली थी कि गोपाल एक अन्य ग्रामीण की हत्या करने का षड्यंत्र बनाकर क्षेत्र में घूम रहा है। इसी सूचना के आधार पर सोमवार सुबह करीब छह बजे सीआईए-1 और गन्नौर पुलिस की टीमों ने गांव खुबडू के निकट खेतों में उसकी घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
हमले में सीआईए-1 के हवलदार देवेंद्र के हाथ में गोली लग गई। पुलिस ने आत्मरक्षा और जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की, जिसमें गोपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे तुरंत खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गोपाल पर हत्या, हत्या की कोशिश, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों सहित करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज थे। पैरोल पर आने के बाद उसने पानीपत में एक तथा गन्नौर क्षेत्र में तीन वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस को आशंका थी कि वह जल्द ही एक और बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम दे सकता है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर घायल हेड कांस्टेबल देवेंद्र का हालचाल जाना। उन्होंने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक ग्रामीण की जान बचाने में सफलता मिली है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि मुठभेड़ की सभी परिस्थितियों की नियमानुसार गहन जांच कराई जा रही है।
उधर, गैंगस्टर गोपाल के शव को खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।