जैसे ही बरसात का मौसम शुरू हो वैसे ही बरसात पानी अलीगढ की ओर से बह रहे नाले के रास्ते गांव सिंघर्र में अपना मार्ग चुन लेता था। कई बार शिकायतों के बाद भी प्रशासनिक अफसर कुछ नहीं कर सके। मगर ग्रामीणों के अथक प्रयास से अधिकारियों की नींद खुली और गांव में पानी के घुसने से पूर्व इंतजाम शुरू कर दिए।
ग्राम प्रधान पति कुंवर कन्हैया सिंह तोमर ने बताया कि कई वर्षों से गांव में नाले के रास्ते बरसात का पानी घुस आता था। जिससे गांव में हजारों बीघा फसल जलमग्न होने के कारण बर्वाद हो जाती थी। इसके लिए ग्रामीण कई वर्षों से अधिकारियों की ड्यौढ़ी पर दस्तक दे रहे थे। मगर अधिकारी कुंभकरण की नींद से नहीं जाग रहे थे। उधर जनप्रतिनिधियों से भी ग्रामीणों ने भारी मिन्नतें की मगर उनकी फरियाद सुनने को कोई तैयार नहीं हुआ। ग्राम प्रधान पति ने बताया कि गत वर्ष भी गांव में नाले के रास्ते पानी घुस आया था, और सैकडों बीघा जमीन जलमग्न होने के कारण बर्वाद हो गई। तभी से उन्होंने अलीगढ सिंचाई विभाग का रास्ता पकडा और अधिकारियों के पास पहुंचकर ग्रामीणों का दुखडा रोया। अलीगढ के अधिकारियों ने उनकी बात सुनी और नाले की सफाई के लिए मशीन भेज दी। जिससे नाले की सफाई कर्र कराया गया। श्री तोमर ने बताया कि नाले की सफाई होने से बरसात का पानी अब गांव के खेतो और घरों में नहीं घुसेगा। और न ही लोगों को बीमार होने तथा फसल के नुकसान होने का डर सतायेगा।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS