जांच एजेंसी ने हरियाणा कैडर के जिन आईएएस अधिकारियों के आवासों पर छापे मारे उनमें मोहम्मद शाईन, पंकज अग्रवाल और प्रदीप कुमार व आईएफएस अधिकारी नवनीत कुमार श्रीवास्तव शामिल हैं।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले की जांच अब हरियाणा से बाहर निकल कर दिल्ली-एनसीआर में पहुंच गई है। शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली एनसीआर में हरियाणा कैडर के तीन आईएएस अधिकारियों और एक आईएफएस अधिकारी के आवास समेत छह ठिकानों पर छापे डाले। इस मामले में सीबीआई ने पहली बार हरियाणा-चंडीगढ़ के बाहर छापा डाला है।
जांच एजेंसी ने दावा किया है कि ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि कुछ सरकारी कर्मचारियों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी खाते खुलवाने, पैसे ट्रांसफर करने और बाद में उन पैसों के गलत इस्तेमाल में मदद की। एजेंसी का आरोप है कि इस काम में सहयोग करने और अनियमितताओं पर कार्रवाई नहीं करने के बदले उन्हें फायदा पहुंचाया गया।
जांच एजेंसी ने हरियाणा कैडर के जिन आईएएस अधिकारियों के आवासों पर छापे मारे उनमें मोहम्मद शाईन, पंकज अग्रवाल और प्रदीप कुमार व आईएफएस अधिकारी नवनीत कुमार श्रीवास्तव शामिल हैं। जिस दौरान बैंक धोखाधड़ी हुई मोहम्मद शाईन हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के प्रबंध निदेशक थे। पंकज अग्रवाल कृषि विभाग के प्रशासनिक सचिव थे और प्रदीप कुमार हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव थे। आईएफएस अधिकारी नवनीत कुमार श्रीवास्तव चंडीगढ़ नवीकरणीय ऊर्जा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन सोसायटी (सीआरईएसटी) के सीईओ पद पर तैनात थे। आरोप है कि इन्हीं आईएएस अधिकारियों के इशारे पर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में सरकारी विभागों के खाते खोले गए थे और विभागीय बैंक खातों से उनके कार्यकाल के दौरान गबन हुआ था।
