नशा सामाजिक, पारिवारिक और व्यक्तिगत समस्या के रूप में उभरकर आता है। नशे के आदी व्यक्ति को व्यसन मुक्त करने के लिए लगातार कार्य करने की आवश्यकता है। सभी को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।
शनिवार को यह बातें नशा मुक्त अभियान के अन्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सासनी के सभागार कक्ष में एक गोष्ठी के दौरान एसीएमओ नोडल अधिकारी हाथरस डा. एमआई आलम ने मौजूद स्टाफ और युवाओं को बताईं। उन्होने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की ऊर्जा होते हैं तथा युवाओं की शक्ति का समाज एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। अतः यह अतिआवश्यक है कि नशामुक्त भारत अभियान में सर्वाधिक संख्या में युवा जुड़े। देश की इस चुनौती का स्वीकार करते हुए हम आज नशामुक्त भारत के अन्तर्गत एकजुट होकर प्रतिज्ञा करते है कि न केवल समुदाय, परिवार, मित्र, बल्कि स्वयं को भी नशामुक्त करायेंगे। क्योकि बदलाव की शुरूआत अपने आप से होनी चाहिए। कार्रक्रम का शुभारंभ एसीएमओ द्वारा फीता काटकर किया। चिकित्सा अधीक्षक प्रभारी डा. दलवीर सिंह, महिला चिकित्सा अधिकारी डा. रूचि कमल, महिला चिकित्साधिकारी डा. अनन्त, चिकित्सा अधिकारी डा. शुभम, स्टाफ नर्स ऊमा सैंगर, काउंसलर अंशू गौर, राहुल, बीएचडब्लू आकाश कौशिक, आदि मौजूद थे।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS