साासनी- 25 अप्रैल।

चुनावी जंग शुरू हो चुकी है, वहीं कवियों ने भी अपनी रचनाओं से लोगों को सावधान करना शुरू कर दिया है। वैसे ही जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि की बात को कवि ही समझ सकते है, यह बात आमजन की समझ से बाहर है,
मंगलवार को कवि वीरेन्द्र जैन ने अपनी एक रचना के माध्यम से लोगों को चुनावी प्रलोभन देने वालों से सतर्क रहकर मतदान करने की बात कुछ इस प्रकार कही है कि- लोकतंत्र का जश्न मनाने आए हैं, लोकतंत्र का जश्न मनाने आए हैं। हम विकास की नदी बहाने आए हैं, वादे कभी न झूठे होंगे वादा है, हम पानी पर दही जमाने आए हैं। जातिवाद का जहर हमेशा बांटा है।इसीलिए सबकी आंखों का कांटा है, वो चुनाव में अगर जीत भी जाए तो हम सब के मुँह पर समझो इक चाँटा है।
Author: planetnewsindia
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