ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर जालंधर में बीएसएफ हेडक्वार्टर के पास धमाका हुआ। इसमें स्कूटी उड़ गई। काफी दूर तक धमाके की आवाज सुनी गई। धमाके से लोग दहशत में है।

जालंधर में ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर मंगलवार शाम करीब 8:15 बजे बीएसएफ हेडक्वार्टर के पास जबरदस्त धमाका हुआ। एक एक्टिवा स्कूटी विस्फोट से उड़ गई। धमाके की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। विस्फोट इतना तेज था कि बीएसएफ हेडक्वार्टर की दीवारें तक हिल गईं। कुछ पल के लिए किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।
स्कूटी एक फ्लिपकार्ट डिलीवरी कर्मी की बताई जा रही है। स्कूटी में रखे किसी विस्फोटक के फटने की आशंका है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीमें जालंधर में ब्लास्ट वाली जगहों के लिए रवाना हो गई हैं, जहां उनके जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है ताकि जानकारी इकट्ठा की जा सके और जांच में पंजाब पुलिस की मदद की जा सके।
सूत्रों के अनुसार, गुरप्रीत नाम का युवक कोरियर डिलीवरी के लिए बीएसएफ मुख्यालय आया था। वह अपनी स्कूटी बाहर खड़ी कर अंदर पार्सल देने गया लेकिन कुछ ही देर बाद पीछे खड़ी उसी स्कूटी में जबरदस्त धमाका हो गया। अधिकारी इस बात से इन्कार नहीं कर रहे हैं कि यह एक आतंकी घटना हो सकती है।
घटना के तुरंत बाद बीएसएफ और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके को सील कर दिया गया और फॉरेंसिक टीमों ने जांच शुरू कर दी। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने काउंटर इंटेलिजेंस को मामले की गहराई से जांच के आदेश दिए हैं।
शुरुआती तौर पर इसे गंभीर सुरक्षा चूक भी माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब हर एंगल से पड़ताल कर रही हैं कि क्या स्कूटी में पहले से विस्फोटक रखा गया था? अगर हां, तो किसने और कब? क्या गुरप्रीत खुद निशाने पर था या बीएसएफ मुख्यालय? यह भी अहम सवाल है कि गुरप्रीत के कोरियर लेकर आने की जानकारी किन-किन लोगों तक पहुंची थी।
पटियाला-राजपुरा रेल ट्रैक विस्फोटः अप्रैल 2026 में पटियाला-राजपुरा रेल ट्रैक पर कम तीव्रता का आईईडी विस्फोट हुआ। इसे बड़े हमले की साजिश के तौर पर देखा गया। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई और जांच तेज कर दी गई।
चंडीगढ़ भाजपा कार्यालय पर ग्रेनेड हमलाः अप्रैल 2026 में चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला किया गया। घटना से राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया। जांच एजेंसियों ने मामले की पड़ताल शुरू कर साजिश के पहलुओं को खंगाला।
सरहिंद रेलवे ट्रैक विस्फोटः जनवरी 2026 में गणतंत्र दिवस से पहले सरहिंद रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किया गया। इसे सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना गया। एजेंसियों ने तुरंत जांच शुरू कर संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया।
मोगा सीआईए कार्यालय पर हमलाः नवंबर 2025 में मोगा के सीआईए कार्यालय पर ग्रेनेड फेंका गया। इसे सुरक्षा एजेंसियों के लिए सीधी चुनौती माना गया। घटना के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया और संदिग्धों की तलाश तेज की गई।
अमृतसर खंदवाला विस्फोटः मार्च 2025 में अमृतसर के खंदवाला इलाके में धार्मिक स्थल के बाहर विस्फोट हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एनआईए को सौंपी गई। एजेंसी ने आतंकी नेटवर्क के एंगल से जांच शुरू की।