पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ श्रीमद्भागवत कथा का समापन, सुदामा जी की दीनदशा और भगवान कृष्ण के अनन्य प्रेम का प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
सासनी में अकीदत और गमगीन माहौल के बीच निकाला गया मुहर्रम का मातमी जुलूस, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंज उठे रास्ते