यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण और अवैध निर्माण को लेकर NGT ने केंद्र और राज्य सरकार सहित कई विभागों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिका में नदी की खराब स्थिति और लगातार हो रहे उल्लंघनों पर गंभीर चिंता जताई गई है, जिसकी अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने यमुना प्रदूषण और नदी के किनारे अवैध निर्माण को लेकर जल संसाधन मंत्रालय, प्रदेश सरकार, मथुरा-वृंदावन नगर निगम, एमवीडीए सहित चार और विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह नोटिस ब्रज वृंदावन देवालय समिति के संयुक्त सचिव याचिकाकर्ता विजय किशोर गोस्वामी की याचिका पर जारी किए गए हैं, जिसमें वृंदावन और मथुरा में यमुना नदी में लगातार और अनियंत्रित रूप से सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट डाले जाने एवं डूब क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों का मुद्दा उठाया गया है। अगली सुनवाई चार अगस्त होगी।
ठाकुर राधा मदनमोहन मंदिर के सेवायत विजय किशोर गोस्वामी एवं कैलाश नगर निवासी दामोदर शास्त्री द्वारा यमुना प्रदूषण और यमुना के किनारे हो रहे अवैध निर्माण को लेकर एनजीटी में वर्ष 2021 में याचिका दायर की थी। इसमें एनजीटी ने 17 दिसंबर 2021 को मुख्य सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों को सीवेज उपचार व्यवस्था को सुधारने, अतिक्रमण हटाने और नदी की सुरक्षा के लिए वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए गए थे। एनजीटी के अनुपालन कराने के लिए सेवायत गोस्वामी द्वारा की गई याचिका पर सुनवाई हुई।