आगरा में सात फेरों से पहले पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन ने पहुंचकर 16 वर्षीय किशोरी की शादी रुकवा दी। कार्रवाई के बाद बालिका को परिवार को सौंपा गया और परिजनों से भविष्य में बाल विवाह न करने का शपथ पत्र भरवाया गया।

आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सज रहे एक विवाह मंडप में सात फेरों से ठीक पहले पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम धमक पड़ी। 112 नंबर पर मिली एक गोपनीय सूचना के बाद हुई इस त्वरित कार्रवाई ने एक नाबालिग किशोरी का जीवन बर्बाद होने से बचा लिया। पुलिस को देखते ही शादी की खुशियां सन्नाटे में बदल गईं और दूल्हे को बिना दुल्हन लिए ही बारात वापस ले जानी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, थाना किरावली के गांव अवेधीपुरा से बारात बिचपुरी स्थित दीपक फार्म हाउस पहुंची थी। शादी की रस्में शुरू होने ही वाली थीं कि चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर बृजेश कुमार गौतम और थाना जगदीशपुरा से उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। टीम ने जब वधु पक्ष से लड़की की उम्र से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, तो परिजन बगलें झांकने लगे। जांच में सामने आया कि लड़की की उम्र महज 16 वर्ष है।
चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना जगदीशपुरा में शिकायत दर्ज कराई और किशोरी को कार्यालय लाया गया। इसके बाद बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति के निर्देश पर माता-पिता से कानूनी शपथ पत्र भरवाया गया कि वे भविष्य में बाल विवाह जैसा अपराध नहीं करेंगे। फिलहाल किशोरी को परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है, लेकिन 15 दिन बाद टीम को फॉलो-अप रिपोर्ट देने के लिए दोबारा बुलाया गया है।