कुरुक्षेत्र में चार बच्चों की मां की मौत: शाहाबाद अनाज मंडी में 700 बोरियों का रैक गिरा, सुरक्षा पर उठे सवाल

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कुरुक्षेत्र में हुए हादसे ने मंडी में सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी रात को कोई बोरियों के पास से गेहूं एकत्रित कर रहा है और आसानी से उसे बिना रोक टोक ले जाता है तो मंडी के चौकीदार उस समय क्या कर रहे होते हैं।
UP Police Claims Sharp Decline in Crime Rate; Former Top Cops Term it  'Fake' | NewsClick

शाहाबाद अनाज मंडी में हुए गेहूं से भरी बोरियों के ढेर के नीचे दबने से 27 वर्षीय महिला मजदूर हसीना खातून मौके पर ही अपनी जान गंवा बैठी। मृतक यमुनानगर के बिलासपुर गांव की रहने वाली थी और वर्तमान में अपने पति राहुल कुमार व चार छोटे बच्चों के साथ शाहाबाद की अटारी कालोनी में रह रही थी। वह अनाज मंडी की 103 नंबर दुकान पर झाड़ू-पोछा का काम करती थी।

पति राहुल कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि हसीना सुबह करीब चार बजे मंडी में गेहूं इकट्ठा करने और सफाई का काम करने गई थी। वह गेहूं के रैक के नीचे से गेहूं इक्कट्ठी कर रही थी, जैसे ही नीचे की बोरी के पास से गेहूं निकालने लगी तो अचानक रैक में लगी भारी बोरियों उनके ऊपर गिर पड़ी। बोरियों के भारी दबाव से उनके सिर और माथे पर गहरी चोट आई और घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हसीना की मौके पर ही मौत हो गई।

मंडी में काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि महिला के साथ आई अन्य तीन से चार महिला हसीना को बोरियों के नीचे दबता देख शोर मचाते हुए मौके से भाग गई। आसपास काम कर रहे अन्य मजदूरों ने तुरंत बोरियों को हटाकर महिला को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थी। मजदूरों ने तुरंत डायल-112 को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने पति राहुल कुमार का बयान पर मामले में इत्तेफाकिया कार्रवाई की है।

रैक में थी लगभग 700 बोरियां
मंडी में उठान धीमा चल रहा है। इसके चलते आढ़ती गेहूं की तुलाई करने के बाद जगह कम होने के चलते बोरियों का रैक लगवा देते हैं। आढ़ती ने यह रैक रात दो बजे मजदूरों से लगवाया था और सुबह करीब चार बजे यह हादसा हो गया। रैक में लगभग 700 के करीब बोरियां थी, जिसमें सुबह मजदूरों को और भी बोरियां लगानी थी।

हादसा मंडी सुरक्षा पर कर रहा गंभीर सवाल खड़े
हादसा मंडी में सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है कि इतनी रात को कोई बोरियों के पास से गेहूं एकत्रित कर रहा है और आसानी से उसे बिना रोक टोक ले जाता है तो मंडी के चौकीदार उस समय क्या कर रहे होते हैं। दूसरी तरफ उठान समय पर क्यों नहीं करवाया गया। यह तो गनीमत रही की बोरियां रात के समय खिसकी अगर दिन में खिसकती तो गेहूं लेकर आए किसान व आस-पास काम कर रहें मजदूर भी इसके चपेट में आ सकते थे, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।

इस सवाल के जवाब में मंडी सचिव कृष्ण मलिक का कहना है कि सीजन में मजदूरों का देर रात तक आना जाना लगा रहता है और सीजन में देर रात तक काम करते हैं तो कोई उन्हें परिसर में कुछ कहता नहीं है। बाहर ले जाने की बात पर उन्होंने कहा कि मंडी लाडवा व बराड़ा रोड पर स्थित है और यहां पूरी रात वाहन आते जाते रहते हैं। कोई पैदल अगर कुछ लेकर जा रहा है तो चौकीदार पूछताछ कर लेता है। परंतु रात के समय गाड़ियों को चेक नहीं किया जाता।

पति के बयान पर इत्तेफाकिया कार्रवाई कर शव सौंपा : जगदीश चंद
थाना शाहाबाद के प्रभारी जगदीश चंद ने बताया कि महिला दिन में मंडी में ही काम करती थी और रात के समय रैक के पास से बोरियों में निकली गेहूं एकत्रित करती थी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला रैक के नीचे लगी बोरियों के पास गेहूं इक्कट्ठा करने की प्रयास कर रही थी और इसी प्रयास में बोरियां हिल गई और महिला पर आ गिरी।

मामले में नियमानुसार की जाएगी कार्रवाई : कृष्ण मलिक
शाहाबाद मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण मलिक ने कहा कि पूरी घटना बेहद दुखद है। पूरे मामले की जांच की जा रही है कि महिला कहां काम करती थी और मंडी में इतनी रात को आई कैसे। वहीं इस बारे में चौकीदार से भी पूछताछ की जा रही है। पूरे मामले में जो भी नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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Author: priya singh