
रोहतक जिले के किलोई खास व रुड़की गांव में सोमवार को एक चिंगारी से 45 मिनट में साढ़े 34 एकड़ में खड़ी सात किसानों की गेहूं की फसलें जलकर राख हो गईं। किसानों ने 15 से अधिक ट्रैक्टरों से जुताई कर आग को फैलने से रोका। अज्ञात कारणों से लगी आग ने तेज हवा के कारण विकराल रूप ले लिया।
किसान सभा के वरिष्ठ उप प्रधान अशोक राठी ने बताया कि आग की सूचना के बाद दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद पूरी तरह सवा 12 बजे आग पर काबू पाया गया। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। हालांकि, तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। किसानों ने सदर थाने में फसल जलने की शिकायत दर्ज कराई है।
इन किसानों की जलीं फसलें
किलाई खास के खेतों में लगी आग से किसान दीपक की 11 एकड़, नरेंद्र की 9 एकड़, सुरेंद्र व राजेश की 4-4 एकड़, प्रकाश की 4.5 एकड़, ओमबीर और जोगिंद्र की दो-दो एकड़ गेहूं की फसल पूरी तरह जल गई।
किसान ये बरतें सावधानी
जिला अग्निशमन अधिकारी उत्कर्ष ने बताया कि खेतों में ट्रैक्टर स्प्रे मशीन सक्रिय रखें। सोलर से चलने वाले ट्यूबवेल को चालू अवस्था में रखा जाए। फसल काटने के बाद फसल को तारों के नीचे एकत्र न करें। आग लगने के बाद हैरो और कल्टीवेटर से खेत की जुताई कर इसे फैलने से रोका जा सकता है। धूम्रपान के बाद बीड़ी-सिगरेट बुझाकर फेंकें। आग लगने पर इसकी सूचना भी तुरंत टोल फ्री नंबर 112 पर पुलिस और 101 नंबर पर दमकल विभाग को दें।
किसान बोले-कर्ज लेकर की थी गेहूं की बिजाई
जिले में दो दिन में पांच गांवों भैयापुर, लाढ़ौत, गांधरा, किलोई खास व रुड़की के के खेतों में आग लगने से कई किसानों की गेहूं की फसलें आग की भेंट चढ़ गईं। किसान सुरेंद्र ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर गेहूं की बिजाई की थी लेकिन आग की घटना से उनकी छह महीने की मेहनत राख में बदल गई। किसी को अपने बच्चों का स्कूल में एडमिशन कराना था तो किसी को बच्चों की शादी के लिए खरीदारी करनी थी।


