आज सुबह 2840 भारतीय पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे। सभी को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान भेजा जाएगा। इस बार देशभर से 2840 श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे।

बैसाखी और खालसा साजना दिवस के अवसर पर पाकिस्तान जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के जत्थे के लिए इस बार सख्त नियम लागू किए गए हैं। अब कोई भी श्रद्धालु अकेले यात्रा नहीं कर सकेगा बल्कि केवल परिवार या समूह के साथ ही दर्शन के लिए जा पाएगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने यह फैसला सुरक्षा कारणों के चलते लिया है।
एसजीपीसी के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे जत्था एसजीपीसी कार्यालय से रवाना होकर अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। इस बार देशभर से करीब 2840 श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। एसजीपीसी ने 1795 पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे थे जिनमें से 1763 को वीजा मिला जबकि 32 आवेदन खारिज कर दिए गए। इसके अलावा दिल्ली से 409 और हरियाणा से 255 श्रद्धालुओं को भी वीजा जारी हुआ है।
सर्बजीत कौर मामले के बाद सख्ती
एसजीपीसी ने बताया कि पिछले वर्ष एक महिला श्रद्धालु के पाकिस्तान में ही रुक जाने के मामले के बाद यह निर्णय लिया गया। अब किसी भी सिंगल पुरुष या महिला का वीजा आवेदन नहीं भेजा गया है जिससे कई श्रद्धालु इस बार यात्रा से वंचित रह गए।
पंजा साहिब में होगा मुख्य समागम
एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि श्रद्धालु सबसे पहले गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब में माथा टेकेंगे जहां मुख्य समागम होगा। यात्रा 10 अप्रैल से 19 अप्रैल तक चलेगी। उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने और पासपोर्ट व 20 डॉलर शुल्क खत्म करने की मांग दोहराई। सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचने और दस्तावेज साथ रखने की अपील की है।